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भारत की गुप्त कूटनीति

नवभारत कूटनीतिक रूप से  यह माना जाता है की जब दो देशों के बीच गहरा अविश्वास हो तो किसी तीसरे देश द्वारा मध्यस्थता करना एक कूटनीतिक  गलतियां  जोखिम भरा कदम हो सकता है। ऐसे मामलों में तीसरा पक्ष अक्सर खुद फंस जाता है और तीसरे पक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल  उठने लग जाते है। तीसरा […]

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article गांधी है तो भारत है

कमतर क्यों है दलित आदिवासी नेतृत्व

सुबह सवेरे बिहार,यूपी,ओडिशा,झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दलित और आदिवासी वोट बैंक निर्णायक है। इन राज्यों की विधानसभाओं और लोकसभा से आरक्षित सीटों के माध्यम से कई नेता सामने आते है। डॉ.भीमराव आंबेडकर ने दलितों और आदिवासियों को संसद तथा विधानसभाओं में आरक्षण इसलिए प्रदान किया क्योंकि ये समुदाय सदियों से सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक […]

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मध्यपूर्व को चाहिए मजबूत मध्यस्थ

    जनसत्ता                                               किसी भी जटिल अंतर्राष्ट्रीय विवाद के समाधान के लिए पहले विश्वास निर्माण आवश्यक है,तभी सार्थक और स्थायी समाधान संभव हो सकता है। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत की असफलता का एक प्रमुख कारण यह था कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गहरे अविश्वास को दूर […]

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अविश्वास की कूटनीति,कमजोर मध्यस्थ और वार्ता  नाकाम

सत्ता मेल अविश्वास की कूटनीति देशों को यह याद दिलाती है कि वे केवल अपने हितों पर निर्भर रहें। जब देशों को एक-दूसरे पर भरोसा नहीं होता,तो वे समझौते बहुत सोच-समझकर और स्पष्ट शर्तों के साथ करते है,जिससे भविष्य में धोखा मिलने की संभावना नहीं हो। 50 साल की कट्टर दुश्मनी को भूल कर किसी […]

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आधुनिकता,अनुसंधान,शिक्षा और प्रगति से भरपूर है ईरान

नवभारत अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी तनावपूर्ण हालात में ईरान की सामरिक क्षमता केवल उसकी सैन्य शक्ति का परिणाम नहीं है,बल्कि यह उसके मजबूत शैक्षिक ढांचे और वैज्ञानिक प्रगति का प्रतिफल भी है। दरअसल वैश्विक परिदृश्य में ईरान एक ऐसा इस्लामिक राष्ट्र है,जिसने  जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों,आर्थिक प्रतिबंधों और कूटनीतिक,रणनीतिक तथा राजनीतिक दबावों के बावजूद […]

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ईरानी राष्ट्रवाद से हार गई दुनिया

नवभारत                  ईरान की मजबूती का एक प्रमुख आधार उसका गहरा और ऐतिहासिक राष्ट्रवाद रहा है। ईरान में राष्ट्रवाद राजनीतिक तौर पर बहुत मजबूत है तथा इसमें सांस्कृतिक,धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का सम्मिलित प्रभाव है। दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में शामिल फारसी सभ्यता की प्राचीन विरासत लोगों […]

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मध्यपूर्व से उभरता नया शक्ति संतुलन

जनसत्ता                   किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति,प्राकृतिक संसाधन,समुद्री मार्ग,पर्वत,रेगिस्तान और सीमाएं यह तय करती है कि वहां की राजनीति,सुरक्षा नीति और कूटनीति किस दिशा में विकसित होगी। दक्षिण-पश्चिम एशिया,दक्षिण-पूर्वी यूरोप और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका तक विस्तारित मध्यपूर्व की कोई स्पष्ट और सर्वमान्य भौगोलिक सीमा नहीं है। यही कारण […]

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तेल रुका तो थम जाएगी तीसरी दुनिया की सांस

नवभारत ईरान युद्ध ने विश्व भर में हलचल मचा दी है। फिलीपींस में रेस्तरां बंद हो गए है,बिजली बचाने के लिए फिलीपींस में चार दिन का कार्य सप्ताह अपनाने से लेकर,भारत में रेस्तरां द्वारा गैस की अधिक खपत वाले व्यंजनों को मेनू से हटाने की घटनाएं सामने आ रही है। श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल के लिए […]

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 बदल गई नेपाल की राजनीति

नवभारत अभिजात्य और कुछ विशिष्ट राजनीतिक दलों तथा उसके सत्तावादी नेताओं से अभिशिप्त रही नेपाल की राजनीति में बालेन शाह के उभार को एक नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। नया नेतृत्व देश की आंतरिक राजनीति,व्यवस्थाओं और पड़ोसी देशो से संबंधों को लेकर ज्यादा पारदर्शी और स्पष्ट नजर आ रहा […]

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मध्यप्रदेश को संवारती नौ प्रेरणाएं

politicsvala महिला दिवस के अवसर पर पॉलिटिक्सवाला का यह विशेष अंक मातृशक्ति को समर्पित है। भारतीय संस्कृति में नारी को सृजन, शक्ति और संवेदना का प्रतीक माना गया है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए हमने इस अंक में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही नौ प्रेरणादायी महिलाओं को स्थान दिया […]

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