नया इंडिया,भोपाल, युवा दिवस
तीस दिन के तीस ऐतिहासिक फैसलें…
लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए
त्वरित,पारदर्शी,जवाबदेह और संवेदनशील शासन की स्वर्णिम शुरुआत।
भारत के महान विचारक विवेकानन्द की जयंती को देश में युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। विवेकानन्द ने अपने ज्ञानमय विचारो से सभी को प्रभावित किया तथा संभावनाओं से भरे राष्ट्र का स्वर्णिम मार्ग प्रशस्त किया। मध्यप्रदेश के युवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विवेकानन्द को अपना मार्गदर्शक मानते है और उन्होंने अपने शुरूआती तीस दिनों में जो तीस अहम फैसलें लिए है,वे बेहद प्रभावी और सुशासन तथा समर्थ भारत का मार्ग प्रशस्त करने वाले है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दस संकल्पनाओं को,मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव कृत संकल्पित होकर आगे बढ़ा रहे है जिसमें सशक्त महिला,समृद्ध किसान,आदिवासी कल्याण,अच्छी शिक्षा और सक्षम युवा,सबका विकास,मजबूत बुनियादी ढांचा,स्वस्थ राज्य,प्रगतिशील अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास,सुशासन और कानून और व्यवस्था,सांस्कृतिक विरासत और विकसित पर्यटन जैसे विषय शामिल है।
डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद आरम्भिक तीस दिनों के तीस ऐतिहासिक फैसलों का असर व्यवस्थाओं और जनमानस में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। सबसे पहले उन्होंने प्रशासन का हर स्तर पर विकेंद्रीकरण करने का लक्ष्य बनाया है। सुशासन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच स्पष्ट है। प्रशासन का हर स्तर पर विकेंद्रीकरण होगा,जिससे कि सभी विकास में बेहतर सहभागिता कर सकें। दूसरा,मध्यप्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग के आधार पर कार्य प्रणाली विकसित करने और प्रदेश में जन-कल्याण के साथ ही कानून व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिये स्पष्ट रूप से निर्देश दे दिये गए हैं। पुलिस अपना कार्य बेहतर ढंग से कर सके,इसके लिये समस्त आवश्यक प्रबंधों के साथ ही प्रोत्साहन भी दिए जाने के समुचित प्रबंध किए जा रहे है। तीसरा,सुशासन के लिये समाज के सभी वर्गों की सहभागिता के साथ सबके विकास को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किये जायें। इसी को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में प्रत्येक स्तर पर त्वरित पारदर्शी उत्तरदायी और संवेदनशील शासन व्यवस्था को सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। चौथा,पीएम उत्कृष्टता महाविद्यालय बनाने का अभूतपूर्व निर्णय लिया गया है,जिससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास और बेहतर पीढ़ी निर्माण हो। पांचवां,प्रत्येक संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक संभाग में एम्स की तर्ज पर मध्यप्रदेश इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मेडिकल साइंस स्थापित करने की और कदम बढ़ाएं जा रहे है।
छठा,लोकभावनाओं और लोक स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए खुले में मांस मछली के विक्रय को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। सातवां,सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिल्डिंग परमिशन और कम्पांउंडिंग के नियमों और प्रक्रिया को सरलकृत करने के निर्देश दिये गए है। मुख्यमंत्री का मानना है कि नियम स्पष्ट और सरल हों,जिसे आम आदमी आसानी से समझ सके,उसे कोई परेशानी न हो, यही गुड-गवर्नेंस है। आठवां,प्रदेश के बहुसंख्यक किसानों के लिये 32 हजार करोड़ रूपये की सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिये मुख्यमंत्री सिंचाई टास्क फोर्स गठित होगी। इससे सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा प्राकृतिक खेती को समृद्ध और आधुनिक बनाया जायेगा। नवम,मध्यप्रदेश में दाल मिशन शुरू किया जाएगा। बागवानी के क्षेत्रफल को 20 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 30 लाख हेक्टेयर किया जाएगा। दसवां,सुशासन के लिये प्रभावी कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शपथ ग्रहण के एक सप्ताह में नव गठित जिले पार्ढुना से जन संवाद कार्यक्रम प्रारंभ किया।सुशासन के लिये जरूरी है कि जनता के बात करके,जनता की कठिनाइयों को समझ कर उनकी समस्याओं का उचित समाधान किया जाए।
ग्यारहवां,1 जनवरी, 2024 से राज्य के सभी 55 जिलों में साइबर तहसील योजना को लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। इसमें रजिस्ट्री के बाद खरीददार के पक्ष में अविवादित नामांतरण फेसलेस,पेपरलेस तरीके से ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए 14 दिन में बिना आवेदन के और बिना तहसील के चक्कर लगाए ऑटोमैटिक तरीके से हो जाना तथा खसरे और नक्शे पर खरीददार का नाम चढ़ जाना सुनिश्चित किया है। बारहवाँ ,मार्कशीट और डिग्री सुरक्षित रखने के लिए डिजीलॉकर
के निर्देश देने के बाद अब वे सुरक्षित हो जाएँगी और छात्रों को इसका बेहतर लाभ मिल सकेगा। तेरहवां,जनजातीय इलाकों के लोगों को लाभ देने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 3 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा की गई है। इस निर्णय से प्रदेश के 35 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों को लगभग 165 करोड़ रुपए का अतिरिक्त पारिश्रमिक प्राप्त होगा। चौदहवां,आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने और प्रदेश को अपराध मुक्त करने के लिए गंभीर अपराधों एवं आदतन अपराधियों की पूर्व अपराधों में प्राप्त को निरस्त करवाये जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है। पन्द्रहवां,मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में मजदूरी दर बढ़ाने के प्रयास के उन्होंने निर्देश दिए है और इसे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है। इसका फायदा लाखों परिवारों को मिल सकता है।
सोलहवां,राज्य में ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को भारी वाहनों से नुकसान से बचाने के लिए अधिकारियों को व्यवस्था बनाने के आदेश जारी किए हैं। सड़कों की गुणवत्ता रखने के लिए निरंतर निगरानी की जाएगी। सत्रहवां,विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर सफल होने वाली समाजसेवी महिलाओं को रानी अवंती बाई लोधी और रानी दुर्गावती के सम्मान से नवाजा जायेगा, दोनो वीरांगनाओं को आदर्श मानते हुए उनके जीवन पर अध्ययन करने वालो को प्रोत्साहित करने के लिए फेलोशिप शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि संकल्प पत्र 2023 की घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित निगरानी की जायेगी। अठारहवां,मध्यप्रदेश में नगरी निकाय पहली बार ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की और कदम बढ़ा चूके है जिससे अपशिष्ट जल नहीं फैले और इससे होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। इसके साथ ही अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग करने की योजना को भी धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्नीसवां,प्रधानमन्त्री आवास योजना के साथ मुख्यमंत्री जन आवास योजना भी बनाई गई है जिससे हर परिवार के लिए पक्के घर का संकल्प समय सीमा में पूरा हो सके। बीसवां,उज्जवला परिवारों को साढ़े चार सौ रूपये मात्र में गैस सिलेंडर मिलने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दे दी गई है।
इक्कीसवांमध्य प्रदेश के दूध उत्पादकों से दूध की खरीद सुनिश्चित करने और डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद करने के लिए,गुणवत्ता नियंत्रण,प्रसंस्करण,विपणन,क्षमता निर्माण,प्रशिक्षण,मानव संसाधन,डेयरी किसानों पर केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में मध्य प्रदेश एवं गुजरात के सहकारी दुग्ध महासंघों और दुग्ध संघों की संयुक्त सहभागिता का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए है। बाइस्वां, अयोध्या और हरिद्वार की तर्ज पर मध्यप्रदेश के घाटों को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यह धार्मिक जनता के लिए बेहद प्रसन्नता देने वाला सराहनीय कदम है। तेइसवां,मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने शपथ लेने के बाद माननीय न्यायालय द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिये निर्धारित डेसीबल से अधिक आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकरों/डीजे पर प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लिया। इसके दायरे में उन्होंने संविधान द्वारा स्थापित मानदंडों का पालन करते हुए धार्मिक स्थलों पर बजने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों को भी शामिल किया। चौबीसवां,श्रीअन्न के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत कुटकी,रागी,ज्वार,बाजरा आदि के उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे किसानों के खाते में अंतरित की जाएगी। इसकी खेती आदिवासी इलाकों में होती है और इससे कई परिवारों को आर्थिक फायदा मिलेगा। पचीसवां,मध्यप्रदेश में बुनियादी सिंचाई सुविधाओं का विकास करने की दृष्टि से और सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण की कार्यवाही की अनुमति दी है।
छबीसवां,विशेष पिछड़ी जनजाति समूह की बसाहटों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित का फायदा भारिया,सहरिया और बैगा जनजाति की बसाहटों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के द्वार खोलेगा।सत्ताईसवां,हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बीस साल पुरानी बकाया राशि दे दी गई है,इससे 25 हजार श्रमिक परिवारों के सदस्यों को राहत मिलेगी। अट्ठाईसवां महाकाल से लेकर ओरछा के राजा राम के मंदिर तक,सलकनपुर से लगाकर कटनी मैहर की माताजी तक,सारे देवस्थानों को लेकर रोडमैप बन रहा है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से यह अभूतपूर्व कदम है। उन्नतीसवां,पूरे प्रदेश में कोई भी अवैध बाल संरक्षण गृह संचालित नहीं होगा। तीसवां संकल्प पत्र 2023 की घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित निगरानी की जायेगी।
बहरहाल सुशासन की अवधारणा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद से ही धरातल पर उतारना प्रारंभ कर दिया था। उनके द्वारा अल्पकाल में ही लिये गये फैसले सुशासन के सशक्तिकरण के लिये बढ़ते कदमों के परिचायक हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्णयों ने बता दिया है कि वे स्वामी विवेकानन्द के समर्थ भारत के सपनों को साकार करने के लिये प्रतिबद्धतापूर्वक निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
डॉ.ब्रह्मदीप अलूने
(प्राध्यापक/लेखक)


