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ईरान में सुधारवादियों को सजा-ए-मौत

   दैनिक प्रजातंत्र  किसी भी देश के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी राष्ट्र की पहचान,आत्मविश्वास और सम्मान के प्रतीक होते हैं। वे देश की वैश्विक छवि को मजबूत करते है और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते है। लेकिन ईरान में हालात एक अलग ही तस्वीर पेश करते है,जहां खेल,राजनीति […]

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विपक्ष के लिए कैसे कब्रगाह बन गया बंगाल

सुबह सवेरे                     भारत की विभाजन से जुडी हिंसक त्रासदियों के केंद्र में बंगाल था। आज़ादी के बाद भारत के लगभग सभी राज्यों की राजनीतिक संस्कृति समय के साथ बदली,लेकिन बंगाल में ऐसा नहीं हुआ,सत्ता चाहे मुस्लिम लीग,कांग्रेस,कम्युनिस्ट पार्टी  या तृणमूल कांग्रेस की रही हो,राजनीतिक संघर्ष अक्सर अत्यधिक टकरावपूर्ण और हिंसक बना रहा। यही […]

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बंगाल से तय होगी भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा

 राष्ट्र्वार्ता          शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी नई पश्चिम बंगाल सरकार के सामने अवैध घुसपैठ,सीमा सुरक्षा,अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन तथा तीस्ता नदी के जल बंटवारे जैसे मुद्दे आने वाले वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक विषय बनने जा रहे है। ये केवल राज्य की आंतरिक प्रशासनिक चुनौतियां नहीं […]

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बालेन शाह-कूटनीतिक सम्मान की सनक

दैनिक -नवभारत कूटनीति अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में राष्ट्रीय हितों के संवर्धन का बेहतरीन माध्यम है जो किसी  नियमों,परंपराओं और औपचारिकताओं का मोहताज नहीं हो सकता। नेपाल के नए नवेले प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कूटनीति को औपचारिकताओं के बाहुपाश में जकड़कर देश के दीर्घकालिक भविष्य को संकट में डाल दिया है। दरअसल बालेन शाह अन्य देशों के […]

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मध्य पूर्व में यूएई का भू-रणनीतिक दांव

जनसत्ता  अंतरराष्ट्रीय संबंधों की वास्तविकता यह है की यहां न तो कोई स्थाई दोस्त होता है,न स्थाई दुश्मन होता है और न ही कोई स्थाई गठबंधन होता है। राष्ट्रीय हितों  के संवर्धन के लिए समय,परिस्थिति और रणनीतिक लाभ के अनुसार दोस्त और दुश्मन बदलते रहते हैं। तेल की दुनिया के दो मजबूत साथी माने जाने वाले सऊदी […]

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दुनिया को क्यों चाहिए भारत के मजदूर

वेबदुनिया  लीबिया के कर्नल मुअम्मर गद्दाफी को एक कठोर तानाशाह के रूप में देखा जाता है,किन्तु उनके शासनकाल में कुछ ऐसे लोक कल्याणकारी काम भी हुए जिसकी मिसाल और कहीं नहीं मिलती। लीबिया का रेगिस्तान विश्व के सबसे विशाल और शुष्क रेगिस्तानों में से एक है,जो उत्तरी अफ्रीका में स्थित लीबिया के अधिकांश भू-भाग को […]

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 भारत के बिना पाकिस्तान-ईरान कॉरिडोर का भविष्य खतरें में

नवभारत टाइम्स ईरान अमेरिका युद्द में पाकिस्तान और चीन उन अवसरों की तलाश में है,जिससे परिस्थितियों का फायदा उठाया जा सके। अब पाकिस्तान ने ईरान के लिए ट्रेड रूट खोलने का ऐलान किया है,इसमें तफ्तान नामक स्थान खूब चर्चा में है।  तफ्तान,ईरान और पाकिस्तान की सीमा पर,पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के चगाई जिले में स्थित […]

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भारत की गुप्त कूटनीति

नवभारत कूटनीतिक रूप से  यह माना जाता है की जब दो देशों के बीच गहरा अविश्वास हो तो किसी तीसरे देश द्वारा मध्यस्थता करना एक कूटनीतिक  गलतियां  जोखिम भरा कदम हो सकता है। ऐसे मामलों में तीसरा पक्ष अक्सर खुद फंस जाता है और तीसरे पक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल  उठने लग जाते है। तीसरा […]

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article गांधी है तो भारत है

कमतर क्यों है दलित आदिवासी नेतृत्व

सुबह सवेरे बिहार,यूपी,ओडिशा,झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दलित और आदिवासी वोट बैंक निर्णायक है। इन राज्यों की विधानसभाओं और लोकसभा से आरक्षित सीटों के माध्यम से कई नेता सामने आते है। डॉ.भीमराव आंबेडकर ने दलितों और आदिवासियों को संसद तथा विधानसभाओं में आरक्षण इसलिए प्रदान किया क्योंकि ये समुदाय सदियों से सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक […]

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मध्यपूर्व को चाहिए मजबूत मध्यस्थ

    जनसत्ता                                               किसी भी जटिल अंतर्राष्ट्रीय विवाद के समाधान के लिए पहले विश्वास निर्माण आवश्यक है,तभी सार्थक और स्थायी समाधान संभव हो सकता है। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत की असफलता का एक प्रमुख कारण यह था कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गहरे अविश्वास को दूर […]

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