जब असहमति अपराध बने, गांधी फिर याद आते है
सुबह सवेरे सत्ताएं बदलती है, शासन बदलते है, कानून बदलते है,लेकिन जब कोई निहत्था नागरिक अन्याय के सामने खड़ा होकर.
सुबह सवेरे सत्ताएं बदलती है, शासन बदलते है, कानून बदलते है,लेकिन जब कोई निहत्था नागरिक अन्याय के सामने खड़ा होकर.
दैनिक नवसंदेश,पटना .