#प्रजातंत्र
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तसलीमा नसरीन की वापसी से बंगलादेश को कूटनीतिक संकेत

प्रजातंत्र तसलीमा नसरीन का लगभग दो दशक बाद कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रही है,यह केवल एक साहित्यिक  घटनाक्रम नहीं है। तसलीमा नसरीन, दक्षिण एशिया की कट्टरपंथी राजनीति के विरोध में डटकर लिखने वाली ऐसी लेखिका है,जिनका जीवन का संघर्ष अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक कट्टरता, महिला अधिकारों और निर्वासन […]

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ईरान में सुधारवादियों को सजा-ए-मौत

   दैनिक प्रजातंत्र  किसी भी देश के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी राष्ट्र की पहचान,आत्मविश्वास और सम्मान के प्रतीक होते हैं। वे देश की वैश्विक छवि को मजबूत करते है और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते है। लेकिन ईरान में हालात एक अलग ही तस्वीर पेश करते है,जहां खेल,राजनीति […]

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खत्म हो गया गुप्त कूटनीति का युग

प्रजातंत्र इतिहास के अलग-अलग कालखंडों में दुनिया के कई ताक़तवर देशों को चुनौती देने वाले उस्मानिया सल्तनत का साम्राज्य का दायरा करीब पचास लाख वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया था। उस्मानिया सल्तनत  का विस्तार मिस्र,ग्रीस,हंगरी,जॉर्डन,लेबनान,इसराइल,फलस्तीन,रोमानिया,सीरिया,सऊदी अरब और उत्तरी अफ्रीका  तक  था।अल्बानिया,साइप्रस,इराक़,सर्बिया,क़तर और यमन भी उस्मानिया सल्तनत  का हिस्सा थे। फ्रांसीसी राजनयिक फ्रंकोईस जॉर जिस पिकाट […]

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article भारत मे आतंकवाद

धर्मान्धता से आतंक को पुर्नजीवित करने की ना”पाक” कोशिशें

प्रजातंत्र धर्मान्धता का राजनीतिक इस्तेमाल बहुत ही गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है,यह न केवल शांति,सुरक्षा और मानवता के लिए ख़तरा है,बल्कि लोकतंत्र और सामाजिक एकता को भी गहरे स्तर पर प्रभावित करता है। कश्मीर में पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर जिस प्रकार गोली मारी गई,वह उसी साम्प्रदायिक सोच को दर्शाती है जिसका राजनीतिक इस्तेमाल कर […]

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आपराधिक न्यायालय की फजीहत

प्रजातंत्र रोमन देवी जस्टीशिया,आंखों पर पट्टी बंधी न्याय की देवी के रूप में न्यायालयों में प्रतीक के तौर पर नजर आती है। उनके एक हाथ में तराजू और दूसरे में तलवार होती है। आंखों पर पट्टी न्याय की निष्पक्षता का प्रतीक है। तराजू न्याय के संतुलन का प्रतीक है। यदि दूसरे शब्दों में कहें तो […]

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मालदीव से भारत को सुरक्षा चुनौती

जनसत्ता                    अब मालदीव से भारत  को सुरक्षा चुनौती   डेढ़ दशक पहले मालदीव में बहुदलीय लोकतंत्र की स्थापना हुई थी और उसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने समुद्र के बढ़ते स्तर  और कार्बन उत्सर्जन के बढ़ते खतरों से दुनिया को आगाह करने के लिए समुद्र के तल पर कैबिनेट बैठक आयोजित की थी। […]

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