#सऊदी अरब
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तुर्की,पाकिस्तान,सऊदी अरब-तीन देश, तीन स्वार्थ, एक गठबंधन  

   जनसत्ता  बहुस्तरीय गठबंधन अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को प्रभावित करने की क्षमता तो रखते है,लेकिन उनका प्रभाव तभी दीर्घकालीन होता है,जब उनके पीछे साझा रणनीतिक दृष्टि,पारदर्शिता,प्रतिबद्धता और स्थायी हित हो। केवल तात्कालिक स्वार्थों पर आधारित गठबंधन अक्सर बदलती परिस्थितियों के साथ कमजोर पड़ जाते है। मक्का में तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ  संयुक्त […]

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सऊदी अरब की नई कूटनीति

 राष्ट्रीय सहारा                      तेल के सबसे बड़े निर्यातक और इस्लाम धर्म के लिए सबसे पवित्र समझे जाने वाले सऊदी अरब में दुनिया की अर्थव्यवस्था,भू-राजनीति,ऊर्जा और सुरक्षा को प्रभावित करने की कई क्षमताएं मौजूद है। इस समय सऊदी अरब आर्थिक और रणनीतिक शक्ति संतुलन के बहुआयामी लक्ष्यों की ओर प्रेरित होकर भारत,अमेरिका,चीन,रूस,ईरान और इस्राइल के […]

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मध्यपूर्व में अब चीनी प्रभुत्व

राष्ट्रीय सहारा     मध्य पूर्व में चीन अपने आर्थिक सहयोग मॉडल वन प्लस टू प्लस थ्री को नई रफ्तार देने में कामयाब हो गया है।  इसमें सबसे पहले ऊर्जा,दूसरे क्रम पर बुनियादी ढांचे के निर्माण,व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना तथा अंत में नाभिकीय ऊर्जा,एयरोस्पेस सैटेलाइट्स और नई ऊर्जा जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में अहम […]

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