यह गणतंत्र तो नहीं है ! republic india
जनता के अधिकारों की मांग के लिए सोलह साल तक अनशन पर रहने वाली मणिपुर की इरोम शर्मिला 2017 में
जनता के अधिकारों की मांग के लिए सोलह साल तक अनशन पर रहने वाली मणिपुर की इरोम शर्मिला 2017 में
यह किन्नरों की सपनों की दुनिया के साकार होने जैसा है,जहां उनका नाम,उनकी पहचान और उनके अधिकारों को निर्वाचन आयोग
सुबह सवेरे धर्म,आस्था,आध्यात्म मनुष्य के संस्कारों से विचारों में प्रवेश करता है और फिर व्यवहार में वह जीवनपर्यंत प्रतिबिम्बित होता
राष्ट्रीय शक्ति को मूल रूप से सैनिक शक्ति समझने की मध्ययुगीन और प्राचीन अवधारणा को पीछे छोड़कर दुनिया
सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव 1960 के दशक में भारत के बहुत अच्छे दोस्त थे और उस समय सोवियत संघ और
आशाओं,अपेक्षाओं,असाधारण कार्यों के लिए ख्यात लेकिन विपक्षी आलोचनाओं के भी केंद्र में रहने वाले पीएम मोदी के राजनीतिक जीवन में
कहां है धार्मिक आज़ादी ? राष्ट्रीय सहारा महात्मा गांधी के बेटे मणिलाल को फातिमा से प्यार हो गया,फातिमा के माता पिता
महात्मा गांधी ने सिखाया महात्मा गांधी ने सिखायाचार मण्डली में जो लोग मिले और जो वे काम कर रहे है
यह दुनिया की नई कूटनीतिक प्रतिज्ञाएं है जहां एक दूसरे से व्यापक रणनीतिक और आर्थिक सहयोग तो किया जा सकता
तकरीबन आठ लाख की आबादी वाले देश भूटान से चीन का सीमा विवाद मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों पर तो रहा