भगतसिंह की जमीन पर खालिस्तान का भ्रम …!
सुबह सवेरे,भोपाल ,23 मार्च 2023 भगतसिंह ने शहादत से ठीक पहले साथियों को जो पत्र लिखा था,उसमें उन्होंने
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जनसत्ता अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों की यथार्थवादी जरूरतों ने राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा को ही बदल दिया है। अब दो
आदिवासियों का धर्म- भारत में धर्म हठवाद की हैसियत नहीं रखता… झारखंड के रांची में विभिन्न आदिवासी जातीय समूह
नया इंडिया सुशासन और लोककल्याण को आधार बनाकर पंजाब की सत्ता में
राष्ट्रीय सहारा ब्रिटेन का समाज मुक्त व्यापार के फायदों और अपने देश की आर्थिक प्रगति से ज्यादा अप्रवासन की उन
सुबह सवेरे कहते है की मरते वक्त कोई झूठ नहीं बोलता। भारत में कानून भी इसे स्वीकार करता है और
आदिवासी बाहुल्य इलाकों में लड़कियों का जन्म से लेकर संरक्षण तक बेहतर ढंग से होता है,वह परिवार,समाज,अर्थ,संस्कृति,धर्म या युद्द हो,सबमें
अतिवादी राजनीति से अभिशिप्त आंतरिक सुरक्षा- हस्तक्षेप ,राष्ट्रीय सहारा अतिवादी राजनीति के बीच क्या सुशासन स्थापित किया जा सकता है,भारत
जनसत्ता-बदहाल पाक और भारत की चुनौतियां राजनीतिक अस्थिरता,आर्थिक बदहाली और आतंकी घटनाओं से बेहाल पाकिस्तान का संकट गहराता जा रहा
राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप पेंशन-जिंदगी के साथ भी,जिंदगी के बाद भी दुनिया में कामकाजी बुजुर्गों का ख्याल,भारत में युवा बेहाल बुजुर्गों का