भरोसा नहीं जगाता,कांग्रेस का हिंदुत्व
राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप भरोसा नहीं जगाता,कांग्रेस का हिंदुत्व […]
राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप भरोसा नहीं जगाता,कांग्रेस का हिंदुत्व […]
हस्तक्षेप,राष्ट्रीय सहारा विकसित और विकासशील देशों में नागरिक सुरक्षा पर गहरा अंतर आपदाओं के दौरान नेतृत्व,जवाबदेही और जिम्मेदारी को लेकर दुनियाभर की विभिन्न सरकारों की तुलना में यह तथ्य उभर कर आता है की अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विकसित देश और विकासशील तथा पिछड़े देशों की नीतियों में गहरा अंतर है। विकसित देशों […]
जनसत्ता अब मालदीव से भारत को सुरक्षा चुनौती डेढ़ दशक पहले मालदीव में बहुदलीय लोकतंत्र की स्थापना हुई थी और उसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने समुद्र के बढ़ते स्तर और कार्बन उत्सर्जन के बढ़ते खतरों से दुनिया को आगाह करने के लिए समुद्र के तल पर कैबिनेट बैठक आयोजित की थी। […]
संविधान की परवाह किसे है… जब संविधान लिखा जा रहा था उस दौरान देश में कई बड़े सांप्रदायिक दंगे हुए और धार्मिक आधार पर देश का बंटवारा भी हुआ। इसके कारण इन दो देशों के बीच मानव इतिहास का सबसे बड़ा प्रवासी संकट पैदा हुआ,यह बेहद रक्तरंजित,अक्षम्य और अमानवीय था। इसी दौर में भारत में […]
राष्ट्रीय सहारा,26/11 के बाद कितना सुरक्षित है भारत दुनिया की ख्यात सुरक्षा एजेंसी मोसाद के जासूसों और एजेंट्स के इतने बड़े नेटवर्क और पूरे इलाक़े में हाइटेक सर्विलांस के बाद भी इजराइल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी। हमास के आतंकी बड़ी संख्या में जमीन,आसमान और समन्दर के रास्ते एक साथ इजराएल में घुसे,लोगों […]
नवभारत टाइम्स चीनी प्रभाव का गहराता साया अब ब्रिक्स से दूर हो रहा है भारत… दुनिया के बड़े देशों के व्यापारिक समूह ब्रिक्स के इस साल हुए विस्तार के बाद यह आशंका गहराने लगी थी की अब इस पर चीन का प्रभाव होगा। इजराइल फिलीस्तीन संघर्ष के बीच चीन की नई वैश्विक राजनीति और […]
राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप स्थानीय,क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर राजधानी का प्रमुख स्थान होता है। राष्ट्रीय राजधानी की उपयोगिता और महत्ता की दृष्टि से तथा इसके सफल संचालन और प्रबंधन के लिए विभिन्न निकायों के बीच वैधानिक शक्ति का समन्वय अपरिहार्य माना जाता है। विकसित देशों मे स्थित बर्लिन,कैनबरा,वाशिंगटन डीसी,लंदन या पेरिस का प्रबंधन और प्रशासन […]
सुबह सवेरे सरकार के प्रति अच्छी राय रखने वाले विचारों को ही केवल अस्तित्व में या सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होना चाहिये,क्योंकि गलत राय सरकार और राजशाही दोनों के लिये नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर सकती थी। यह विचार सत्रहवीं सदी मे ब्रिटेन मे राजशाही को मजबूत बनाएं रखने के लिए कानून के रूप मे […]
दैनिक जागरण ग्लोबल सिक्योरिटी इनिशिएटिव या जीएसआई,एशिया के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की चीन की नई रणनीतिक पहल है। […]
जनसत्ता शक्ति संतुलन,अंतराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता रहा है। इसमें यह प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाता है की कोई भी शक्ति इतनी प्रबल न हो जाएं की उससे दूसरों राष्ट्रों के हितों की रक्षा न की जा सके। चीन अफ़्रीका,मध्य-पूर्व,मध्य एशिया और यूरोप के सारे आर्थिक मार्गों को अपने नियंत्रण में करने […]