सुबह सवेरे
article गांधी है तो भारत है

कमतर क्यों है दलित आदिवासी नेतृत्व

सुबह सवेरे बिहार,यूपी,ओडिशा,झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दलित और आदिवासी वोट बैंक निर्णायक है। इन राज्यों की विधानसभाओं और लोकसभा से आरक्षित सीटों के माध्यम से कई नेता सामने आते है। डॉ.भीमराव आंबेडकर ने दलितों और आदिवासियों को संसद तथा विधानसभाओं में आरक्षण इसलिए प्रदान किया क्योंकि ये समुदाय सदियों से सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक […]

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हिटलर की प्रेमिका और मौत तक साझेदारी

 सुबह सवेरे प्रेम सचमुच कमाल होता है,उसकी अभिव्यक्ति,भावनाएं और समर्पण इंसान को असाधारण बना देते हैं। लेकिन यदि प्रेम,किसी तानाशाह से हो जाएं तो वह गहरी दुविधा पैदा करता है। एक ओर निजी संबंध की कोमलता होती है,तो दूसरी ओर उस व्यक्ति के कठोर और अमानवीय कर्मों की कठोर सच्चाई। प्रेम कभी-कभी इंसान को अंधा […]

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विदेश नीति को विवेकानन्द की पब्लिक डिप्लोमेसी से सीखने की जरूरत

सुबह सवेरे स्वामी विवेकानन्द ने बहुत पहले यह समझ लिया था कि देशों के बीच संबंध केवल सरकारों से नहीं बल्कि जनता से जनता के बीच बनते हैं। यही पब्लिक टू पब्लिक डिप्लोमेसी का मूल भाव है। 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में उनका ऐतिहासिक संबोधन किसी राजनयिक मिशन का हिस्सा नहीं था,फिर […]

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आत्महत्याओं में आम्बेडकर कहीं नहीं है…

सुबह सवेरे    आंध्र प्रदेश निवासी आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार ने हरियाणा में कई प्रमुखों स्थानों पर अपनी सेवाएं दी थी। वे अंबाला और रोहतक रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस यानी आईजीपी रह चुके थे,साथ ही उन्होंने होम गार्ड्स,टेलीकॉम, डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया। पूरन कुमार ने इस वर्ष अक्टूबर […]

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इस रावण से तो बापू भी हार गए…!

      सुबह सवेरे              बापू बहुत आसान थे लिहाजा उनका जीवन भी बहुत आसान हो गया था।   वे स्वयं की बुनी हुई खादी की साधारण धोती और साधारण चप्पल पहनते थे। सर्दियों में वे साधारण ऊनी शॉल का उपयोग करते थे,उनका भोजन फल,मूंगफली और बकरी का दूध था। लंदन में एक पत्रकार ने पूछा,आप इतने बड़े […]

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ट्रम्प की भारत से बिदाई तय है

                   सुबह सवेरे                    प्रत्येक राष्ट्र का यह मौलिक अधिकार है की वह अपनी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपने भौगोलिक वातावरण,प्राकृतिक संसाधनों,वन,जल,खनिज,मानव संसाधन और कृषि  का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे और उचित दामों पर वस्तुओं  की उपलब्धता से आम जनता को खुशहाल करें। महात्मा गांधी के लिए […]

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बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हमलों से किसे होगा फायदा…?          

सुबह सवेरे   बांग्लादेश के रंगपुर ज़िले में पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक पोस्ट के आरोप में कई हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाया गया।घटना के बाद कई लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे तथ्य सामने आएं है जिसके अनुसार मस्जिद के लाउडस्पीकर से लोगों को हमले के […]

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गांधी है तो भारत है

गांधी मरते क्यों नहीं है…!

   सुबह सवेरे                     यह गांधी का अंतिम आमरण अनशन था। जो 13 जनवरी 1948 को प्रारम्भ हुआ था।  हमेशा की तरह उनका शरीर इस बार भूख और प्यास का संकट झेलने को तैयार नहीं था। इस कारण महज 48 घंटे में ही उनके शरीर ने जवाब दे […]

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article book गांधी है तो भारत है

जब राजद्रोह राष्ट्रभक्ति की जरूरत बन जाएं … !

सुबह सवेरे    सरकार के प्रति अच्छी राय रखने वाले विचारों को ही केवल अस्तित्व में या सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होना चाहिये,क्योंकि गलत राय सरकार और राजशाही दोनों के लिये नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर सकती थी। यह विचार सत्रहवीं सदी मे ब्रिटेन मे राजशाही को मजबूत बनाएं रखने के लिए कानून के रूप मे […]

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 मजदूरों के मूल मुद्दों से दूर मजदूर यूनियनें  

सुबह सवेरे   भारत की आज़ादी के आंदोलन में मराठी मानुष की पहचान बने और बाद में  देश के रेल मंत्री बने सदाशिव कानोजी पाटिल को मुम्बई का बेताज बादशाह कहा जाता था। लगातार चार बार सांसद चुने जाने वाले पाटिल से जब एक पत्रकार ने पूछा की क्या उन्हें कोई चुनाव में हरा सकता […]

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