भारत की विदेश नीति की नई चुनौती
जनसत्ता कूटनीति का एक प्रमुख दायित्व यह होता है कि […]
जनसत्ता कूटनीति का एक प्रमुख दायित्व यह होता है कि […]
जनसत्ता द्विपक्षीय सम्बन्धों में सहयोग और प्रतिस्पर्धा के गुण कूटनीतिक जटिलताओं को दिखाते है,भारत और चीन इसके पर्याय है। एशिया की दो महान शक्तियां एक दूसरे की पड़ोसी है,सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए है लेकिन सीमा विवाद ऐसी लक्ष्मण रेखा है जो राजनीतिक सम्बन्धों को सामान्य होने नहीं […]
जनसत्ता विकसित देशों को लेकर एक आमतौर पर यह राय है की लोग विकासशील और पिछड़े देशों से आयात किए गए सामान को ऊंचे दाम में ख़ुशी ख़ुशी खरीद लेते है। इसका कारण विकसित देशों के लोगों की आय की उच्चता को माना जाता है। इन देशों में प्रवासी और आप्रवासियों के प्रति व्यवहार बेहतर […]
जनसत्ता सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य और परमाणु शक्ति संपन्न देश अमेरिका,रूस,चीन,ब्रिटेन और फ़्रांस भी विश्वासपूर्वक यह दावा नहीं कर सकते की उनकी वायु सुरक्षा प्रणाली अभेद्य है। दरअसल ईरान इजराइल युद्द भले ही फ़िलहाल रुक गया हो लेकिन ईरान की मिसाइलों ने इजराइल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले मिसाइल डिफेन्स सिस्टम में […]
जनसत्ता भारत की संप्रभुता,सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यू नार्मल रणनीति अपनाने की घोषणा की है। भारत की भू राजनैतिक चुनौतियों और नई परिस्थितियों में संतुलन स्थापित करने वाली इन नीति के केंद्र में पाकिस्तान है। जब देश […]
जनसत्ता भारत की पहली प्राथमिकता म्यांमार में लोकतांत्रिक शासन की बहाली और आंग सान सू की जेल से रिहाई होना चाहिए। अभी सैन्य सरकार गहरे दबाव में है और देश को टूटने से बचाने के लिए वह भारत की मध्यस्थता को स्वीकार करने को मजबूर होगी। म्यांमार के आम लोगो और गांधीवादी नेता आंग सान […]
जनसत्ता अल-क़ायदा और इस्लामिक स्टेट की छाया में रहने वाले सीरिया के सत्तारूढ़ संगठन हयात तहरीर अल-शाम या एचटीएस की पृष्ठभूमि को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे कि उसके नेतृत्व में सीरिया का भविष्य क्या होगा। एचटीएस के नेता अबू मोहम्मद अल जुलानी अपनी छवि को जिहादी लड़ाके से बदल कर आधुनिक और […]
जनसत्ता महाशक्तियों का यह विश्वास रहा है कि सहायता कूटनीति,विदेश नीति के लक्ष्यों को सुगम बनाती है। कई दशकों से विश्व व्यवस्था पर हावी अमेरिकी वर्चस्ववाद को डॉलर कूटनीति ने बहुत बढ़ावा दिया लेकिन अब ट्रम्प सहायता की कूटनीति को नियन्त्रण और संतुलन के आधार पर जिस प्रकार आगे ले जाना चाहते है,उससे विश्व […]
जनसत्ता रुढ़िवाद और उदारवाद के बीच वैचारिक संघर्ष इतिहास की हकीकत रहा है लेकिन यह नकारात्मक दृष्टि से राजनीतिक सत्ता का कवच धारण करके हिंसक संघर्ष की और बढ़ने लगे तो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का विध्वंस हो सकता है। अमेरिका में रुढ़िवादी ईसाईयों की पहली पसंद बनकर सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे डोनाल्ड […]
जनसत्ता सीरिया को एक राष्ट्र के तौर पर बचाएं रखने के लिए देश में एक ऐसी समावेशी सरकार की जरूरत है जो विभिन्न राजनीतिक,भाषाई,जातीय और धार्मिक समूहों में समन्वय स्थापित कर संघर्ष की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म कर दे। सीरिया कई जातीय और धार्मिक समूहों का घर है,जिनमें कुर्द,अर्मेनियाई, असीरियन,ईसाई,ड्रुज़,अलावाइट शिया और अरब सुन्नी […]