#नवभारत
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ढह जायेगा खामनेई का साम्राज्य

नवभारत इतिहास गवाह है कि तानाशाहों को जनता कभी माफ़ नहीं करती। तानाशाही  भय,दमन,हिंसा और जनता का उत्पीड़न करके खुद को सुरक्षित बनाने की कोशिश करती रहती।ईरान की धार्मिक तानाशाही इस लिहाज़ से और भी खतरनाक रही है,क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने सत्ता को ईश्वर और धर्म के नाम पर वैध […]

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article भारत मे आतंकवाद

खत्म हो जाएंगे बांग्लादेश में हिन्दू…!

नवभारत  बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर हमले,सामाजिक और राजनीतिक दबाव तथा कट्टरपंथी संगठनों की सक्रियता ने इस भय को और गहरा किया है की यह देश पूर्ण इस्लामवाद की और तेजी से बढ़ रहा है। यदि कट्टरपंथी सोच को लगातार राजनीतिक संरक्षण मिलता है तो स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।बांग्लादेश में अगले […]

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विकल्प बन सकते है तारिक रहमान 

नवभारत  बांग्लादेश में राजनीतिक विभाजन गहरा है,कट्टरवादियों ने वैधानिक व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है,अल्पसंख्यक बूरी तरह डरे हुए है। शेख हसीना के कार्यकाल में पुलिस और प्रशासन के दुरूपयोग से जो इन संस्थाओं की छवि खराब हुई है उससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गई है। छात्रों के गुस्से को शांत करने वाली कोई […]

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भारत-रूस मित्रता के मजबूत वैश्विक संदेश

नवभारत कूटनीति की सफलता अक्सर मनोवैज्ञानिक विजय पर आधारित होती है और पुतिन की भारत यात्रा ने यही सिद्ध किया। भारत द्वारा दिए गए सम्मान,रेड कार्पेट स्वागत और उच्च स्तरीय वार्ताओं ने दुनिया को संदेश दिया है कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर अडिग है। इस यात्रा ने यह भी दिखाया कि रूस वैश्विक […]

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रेड कॉरिडोर में हिडमा का अंत

नवभारत माडवी हिड़मा पर छह राज्यों की ओर से इनाम घोषित किया गया था और इसकी कुल राशि एक करोड़ अस्सी  लाख रुपये थी। सैकड़ों सुरक्षाबलों की शहादत का जिम्मेदार खूंखार नक्सली हिड़मा आंध्रप्रदेश में सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया है और यह नक्सल अभियान की सबसे बड़ी सफलता है। इससे नक्सली  समस्या के  […]

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तानाशाहों के युद्दोंमाद से क्यों डरता है यूरोप

    नवभारत,भोपाल        यूरोप का राजनीतिक इतिहास तानाशाही और लोकतंत्र के बीच निरंतर संघर्ष का है। 1917 की रूसी क्रांति,1920–30 के दशक का फासीवाद और 1933 के बाद का नाज़ीवाद ऐसे दंश है जिससे यूरोप अब भी कराहता है और दहशत में रहता है। यह दौर यूरोप को उस अंधकार में ले गया था […]

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ट्रम्प के सामने बेबस यूरोप

नवभारत नियम आधारित व्यवस्था पर यूरोप का भरोसा है लेकिन ट्रम्प का नहीं। मानवाधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के लिए यूरोप सजग है लेकिन ट्रम्प नहीं। पुतिन के आक्रमक साम्यवाद से यूरोप चिंतित है लेकिन ट्रम्प नहीं। सामरिक मदद देकर यूक्रेन को मजबूत रखने के लिए यूरोप प्रयत्नशील है लेकिन ट्रम्प नहीं। नियन्त्रण और संतुलन […]

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