#बांग्लादेश
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बहुलतावादी बांग्लादेश की मतपेटी में इस्लामवाद

politicsvala दो साल पहले तक धर्मनिरपेक्षता और बहुलवाद की पहचान से दुनिया में झंडा बुलन्द करने वाले बांग्लादेश में हरे झंडे,पाकिस्तान से दोस्ती,भारत का विरोध,हिन्दुओं पर अत्याचार और शरिया कानून को लागू करने के मुद्दें आम चुनाव में हावी है।कट्टरपंथी जमातों से अभिशिप्त इस आम चुनाव से बांग्लादेश के भविष्य का फैसला होगा। शेख हसीना […]

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article गांधी है तो भारत है

बांग्लादेश ने गांधी को नहीं माना तो वह टूट जाएगा

सुबह सवेरे बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ वर्षों पहले कहा था कि महात्मा गांधी उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान के आदर्श थे और वे भी उस मार्ग पर चलना पसंद करती हैं। ऐसा कहकर शेख हसीना ने बांग्लादेश की राष्ट्रीय चेतना और उसकी ऐतिहासिक दिशा का एक बड़ा राजनीतिक संकेत दिया था। […]

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article भारत मे आतंकवाद

खत्म हो जाएंगे बांग्लादेश में हिन्दू…!

नवभारत  बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर हमले,सामाजिक और राजनीतिक दबाव तथा कट्टरपंथी संगठनों की सक्रियता ने इस भय को और गहरा किया है की यह देश पूर्ण इस्लामवाद की और तेजी से बढ़ रहा है। यदि कट्टरपंथी सोच को लगातार राजनीतिक संरक्षण मिलता है तो स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।बांग्लादेश में अगले […]

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विकल्प बन सकते है तारिक रहमान 

नवभारत  बांग्लादेश में राजनीतिक विभाजन गहरा है,कट्टरवादियों ने वैधानिक व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है,अल्पसंख्यक बूरी तरह डरे हुए है। शेख हसीना के कार्यकाल में पुलिस और प्रशासन के दुरूपयोग से जो इन संस्थाओं की छवि खराब हुई है उससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गई है। छात्रों के गुस्से को शांत करने वाली कोई […]

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का राजनीतिक संकट

 जनसत्ता  बांग्लादेश में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाने  के बाद भारत के इस पड़ोसी देश में अस्थिरता और हिंसा की चपेट में आने की आशंका गहरा गई है।इसका सीधा असर देश के अल्पसंख्यकों पर होगा,कट्टरपंथी ताकतें मजबूत होगी,वैधानिक व्यवस्थाओं प्रभावित हो सकती है तथा गृहयुद्द जैसे हालात उत्पन्न हो […]

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बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हमलों से किसे होगा फायदा…?          

सुबह सवेरे   बांग्लादेश के रंगपुर ज़िले में पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक पोस्ट के आरोप में कई हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाया गया।घटना के बाद कई लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे तथ्य सामने आएं है जिसके अनुसार मस्जिद के लाउडस्पीकर से लोगों को हमले के […]

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 जमात-ए-इस्लामी की गिरफ्त में बांग्लादेश

हरिभूमि   भाषा,सांस्कृतिक अधिकार,धर्मनिरपेक्षता,शिक्षा,मानवाधिकार और लोकतंत्र की बुनियाद पर टिके बांग्लादेश का भविष्य कट्टरपंथ के अंधेरे में घिरता हुआ दिखाई दे रहा है। भारत के पड़ोस में स्थित यह देश अब कट्टरपंथी  संगठन जमात-ए-इस्लामी की पूरी गिरफ्त में आ चूका है। जमात-ए-इस्लामी राजनीतिक दल से कहीं ज्यादा इस्लामिक मूल्यों पर आधारित एक वैचारिक संगठन है […]

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बांग्लादेश को लेकर भारत की विदेश नीति कैसी हो….

नवभारत टाइम्स  हम पीछे मुड़कर देखे तो पिछले साल तक भारत और बांग्लादेश के सम्बन्ध बेहद मजबूत थे और दोनों देशों के बीच आर्थिक,सामाजिक,सांस्कृतिक और रणनीतिक समन्वय उम्मीदों के बढ़ा रहा था।  5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होते ही दोनों देशों के सम्बन्ध अब निम्नतर स्थिति में पहुंच गए है। इसका […]

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म्यांमार में लोकतांत्रिक शासन की बहाली भारत की जरूरत

जनसत्ता भारत की पहली प्राथमिकता म्यांमार में लोकतांत्रिक शासन की बहाली और आंग सान सू की जेल से रिहाई होना चाहिए। अभी सैन्य सरकार  गहरे दबाव में है और देश को टूटने से बचाने के लिए वह भारत की मध्यस्थता को स्वीकार  करने को मजबूर होगी। म्यांमार के आम लोगो और गांधीवादी नेता आंग सान […]

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सैन्य शासन की आशंका 

राष्ट्रीय सहारा  बांग्लादेश में लाखों मजदूर सड़कों पर है। ये मजदूर गारमेंट फैक्ट्रियों के बंद होने से परेशान हैं। जो फैक्ट्रियां चल रही हैं,वहां काम करने वाले मजदूरों को वेतन नहीं मिल रहा है। मजदूरों के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण कई फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। निवेशक  बांग्लादेश छोड़कर जा रहे है जबकि मजदूर कारखाने को […]

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