#ब्रह्मदीप अलूने
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मालदीव से भारत को सुरक्षा चुनौती

जनसत्ता                    अब मालदीव से भारत  को सुरक्षा चुनौती   डेढ़ दशक पहले मालदीव में बहुदलीय लोकतंत्र की स्थापना हुई थी और उसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने समुद्र के बढ़ते स्तर  और कार्बन उत्सर्जन के बढ़ते खतरों से दुनिया को आगाह करने के लिए समुद्र के तल पर कैबिनेट बैठक आयोजित की थी। […]

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संविधान की परवाह किसे है…

संविधान की परवाह किसे है… जब संविधान लिखा जा रहा था उस दौरान देश में कई बड़े सांप्र​दायिक दंगे हुए और धार्मिक आधार पर देश का बंटवारा भी हुआ। इसके कारण इन दो देशों के बीच मानव इतिहास का सबसे बड़ा प्रवासी संकट पैदा हुआ,यह बेहद रक्तरंजित,अक्षम्य और अमानवीय था। इसी दौर में भारत में […]

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article भारत मे आतंकवाद

कितना सुरक्षित है भारत

राष्ट्रीय सहारा,26/11 के बाद कितना सुरक्षित है भारत    दुनिया की ख्यात सुरक्षा एजेंसी मोसाद के जासूसों और एजेंट्स के इतने बड़े नेटवर्क और पूरे इलाक़े में हाइटेक सर्विलांस के बाद भी इजराइल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी। हमास के आतंकी बड़ी संख्या में जमीन,आसमान और समन्दर के रास्ते एक साथ इजराएल में घुसे,लोगों […]

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ब्रिक्स से दूर भारत

नवभारत टाइम्स                                 चीनी प्रभाव का गहराता साया                                  अब ब्रिक्स से दूर हो रहा है भारत… दुनिया के बड़े देशों के व्यापारिक समूह ब्रिक्स के इस साल हुए विस्तार के बाद यह आशंका गहराने लगी थी की अब इस पर चीन का प्रभाव होगा। इजराइल फिलीस्तीन संघर्ष के बीच चीन की नई वैश्विक राजनीति  और […]

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चीन अमेरिका अव्यवहारिक आदर्शवाद     

राष्ट्रीय सहारा अमेरिका की विदेश नीति राष्ट्रीय हित और अव्यवहारिक आदर्शवाद का विचित्र मिश्रण है,वहीं चीन माओं की साम्यवादी और विस्तारवादी आकांक्षाओं से बुरी तरह अभिशिप्त है। अमेरिका और चीन में वैचारिक और नीतिगत इतनी असमानताएं है की इन दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य रखना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता।  इन […]

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कतर की कुटिलता, राष्ट्रीय सहारा

राष्ट्रीय सहारा  दुनिया के अलग अलग क्षेत्रों  में वैधानिक सत्ता के खिलाफ हिंसक संघर्ष करने वाले इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों को वार्ता की मेज पर बिठा लेने में माहिर क़तर की वैदेशिक नीतियां विरोधाभासों से घिरी हुई रही है। यही कारण है की 2017 में, सऊदी अरब,संयुक्त अरब अमीरात,मिस्र और बहरीन ने,उस पर ईरान के क़रीब […]

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हमास की बर्बरता पर उन्मादी जश्न

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप                                                                          आतंक की कूटनीति का प्रयोग क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर होता रहा है,मध्यपूर्व में इजराइल और फिलीस्तीन […]

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संतुलन साधता नेपाल,जनसत्ता     

जनसत्ता             नेपाल को अपने राष्ट्रीय हित और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत और चीन से संतुलित सम्बन्धों की जरूरत है और प्रचंड उस दिशा में सफल होते दिखाई दे रहे है। दरअसल नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कुमार दहल प्रचंड ने चीन के साथ द्विपक्षीय समझौतों में जो दूरदर्शिता दिखाई है वह […]

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गांधी है तो भारत है

 विभाजित भारत की बुनियाद में बापू कहां है…!

स्वतंत्र समय             गवर्नर जनरल काउन्सिल के सदस्य सर जॉन स्ट्रेची ने भारत में कई वर्ष बिताएं थे,इस दौरान उन्होंने एक किताब लिखी थी इण्डिया। स्ट्रेची ने कहा कि अतीत में भारतीय राष्ट्र नाम की कोई चीज़ नहीं थी,न ही भविष्य में उसके ऐसा होने की संभावना है। स्ट्रेची ने इस संभावना को […]

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गांधी है तो भारत है

बापू संकीर्ण हिन्दू तो नहीं थे…!

पॉलिटिक्स बापू को दक्षिण अफ्रीका में ईसाई बनाने की खूब कोशिशें की  गई,उन्हें ईसाई धर्म से सम्बन्धित किताबें पढने को भी वहां बहुत दी गई,लेकिन बापू का मन प्रिटोरिया में जिस किताब को पढ़ने में खूब लगा,वह थी,मैक्समूलर की किताब,हिंदुस्तान हमें क्या सिखाता है। मैक्समूलर लिखते है,अगर मुझे पूरे विश्व में किसी ऐसे देश का […]

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