#अमेरिका
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ईरान की मिसाइलों ने हिला दी महाशक्तियों की नींव

जनसत्ता  सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य और परमाणु शक्ति संपन्न देश अमेरिका,रूस,चीन,ब्रिटेन और फ़्रांस भी विश्वासपूर्वक यह दावा नहीं कर सकते की उनकी वायु सुरक्षा प्रणाली अभेद्य है। दरअसल ईरान इजराइल युद्द भले ही फ़िलहाल रुक गया हो लेकिन ईरान की मिसाइलों ने इजराइल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले मिसाइल डिफेन्स सिस्टम में […]

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बदलता वैश्विक परिदृश्य

जनसत्ता                       महाशक्तियों का यह विश्वास रहा है कि सहायता कूटनीति,विदेश नीति के लक्ष्यों को सुगम बनाती है। कई दशकों से विश्व व्यवस्था पर हावी अमेरिकी वर्चस्ववाद को डॉलर कूटनीति ने बहुत बढ़ावा दिया लेकिन अब ट्रम्प सहायता की कूटनीति को नियन्त्रण और संतुलन के आधार पर जिस प्रकार आगे ले जाना चाहते है,उससे  विश्व […]

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भारत को रूस की है जरूरत

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप   शक्ति संतुलन की व्यवस्था अस्थाई और अस्थिर होती है,वैश्विक राजनीति में शक्ति संतुलन को शांति और स्थिरता बनाये रखने का एक साधन माना जाता है। ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी अविश्वसनीय वैदेशिक नीतियां भारत की चुनौतियां बढ़ा रही है। भारत अपनी भू-रणनीतिक स्थिति के कारण किसी एक महाशक्ति […]

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धोखे की कूटनीति

राष्ट्रीय सहारा अमेरिका द्वारा प्रेरित युद्ध में यूक्रेन को एक मोहरे के तौर पर इस्तेमाल करने के बाद अब ट्रम्प ने पुतिन  पर भरोसा दिखाकर यूक्रेन को गहरी निराशा में धकेल दिया है। अमेरिका के भरोसे भू-राजनैतिक संघर्ष में बूरी तरह फंसा हुआ यूक्रेन बर्बाद हो चूका है और इसके गंभीर और विनाशकारी परिणाम उत्पन्न […]

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अमेरिका में निरंकुशता के संकेत

जनसत्ता                   रुढ़िवाद और उदारवाद के बीच वैचारिक संघर्ष इतिहास की हकीकत रहा है लेकिन यह नकारात्मक दृष्टि से राजनीतिक सत्ता का कवच धारण करके हिंसक संघर्ष की और बढ़ने लगे तो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का विध्वंस हो सकता है। अमेरिका में रुढ़िवादी ईसाईयों की पहली पसंद बनकर सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे डोनाल्ड […]

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 क्वाड देशों में अंतर्विरोध    

जनसत्ता अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में सामूहिक सुरक्षा की अवधारणा एक मजबूत और स्थायी तंत्र है,जो शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद करती है। भारत,अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के हिन्द प्रशांत में गहरे आर्थिक और सामरिक हित है जिन्हें चीन से लगातार चुनौती मिल रही है। क्वाड इन चारों देशों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक […]

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तालिबान के प्रति बदलता रुख

जनसत्ता  रणनीति की दृष्टि से जो नीति उपयुक्त हो,वहीं नीति सर्वोत्तम होगी। अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में यथार्थवाद का सिद्धांत सबसे प्रभावकारी माना जाता है तथा तालिबान की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता में ताकतवर देशों का यथार्थवादी दृष्टिकोण साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में तालिबान के महत्वपूर्ण नेता और आतंकी सिराजुद्दीन हक़्क़ानी ने अपने शिष्टमंडल के […]

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विकसित देशों में लोकतंत्र और चुनाव आयोग

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप                                                                                         2011 में हिलेरी क्लिंटन ने  अपनी भारत यात्रा के दौरान भारत के निर्वाचन आयोग को पूरे विश्व के निर्वाचन […]

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वैश्विक राजनीतिक व्यवस्थाएं,सामाजिक प्रतिष्ठा से अभिशिप्त है

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप दुनियाभर की आधुनिकीकृत शासन व्यवस्थाओं में भी सामाजिक,सांस्कृतिक और आर्थिक तौर से तमाम तबक़ों में खाई साफ़ तौर पर दिखती है। इसका असर देश के राजनीतिक जीवन और व्यवस्थाओं को खासा प्रभावित करता है। इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि आप,लंदन में रहते हैं या दिल्ली,बीजिंग,मास्को या  न्यूयॉर्क में।  आप […]

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मध्यपूर्व में अब चीनी प्रभुत्व

राष्ट्रीय सहारा     मध्य पूर्व में चीन अपने आर्थिक सहयोग मॉडल वन प्लस टू प्लस थ्री को नई रफ्तार देने में कामयाब हो गया है।  इसमें सबसे पहले ऊर्जा,दूसरे क्रम पर बुनियादी ढांचे के निर्माण,व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना तथा अंत में नाभिकीय ऊर्जा,एयरोस्पेस सैटेलाइट्स और नई ऊर्जा जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में अहम […]

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