#ब्रह्मदीप अलूने
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कतर की कुटिलता, राष्ट्रीय सहारा

राष्ट्रीय सहारा  दुनिया के अलग अलग क्षेत्रों  में वैधानिक सत्ता के खिलाफ हिंसक संघर्ष करने वाले इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों को वार्ता की मेज पर बिठा लेने में माहिर क़तर की वैदेशिक नीतियां विरोधाभासों से घिरी हुई रही है। यही कारण है की 2017 में, सऊदी अरब,संयुक्त अरब अमीरात,मिस्र और बहरीन ने,उस पर ईरान के क़रीब […]

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हमास की बर्बरता पर उन्मादी जश्न

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप                                                                          आतंक की कूटनीति का प्रयोग क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर होता रहा है,मध्यपूर्व में इजराइल और फिलीस्तीन […]

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संतुलन साधता नेपाल,जनसत्ता     

जनसत्ता             नेपाल को अपने राष्ट्रीय हित और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत और चीन से संतुलित सम्बन्धों की जरूरत है और प्रचंड उस दिशा में सफल होते दिखाई दे रहे है। दरअसल नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कुमार दहल प्रचंड ने चीन के साथ द्विपक्षीय समझौतों में जो दूरदर्शिता दिखाई है वह […]

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गांधी है तो भारत है

 विभाजित भारत की बुनियाद में बापू कहां है…!

स्वतंत्र समय             गवर्नर जनरल काउन्सिल के सदस्य सर जॉन स्ट्रेची ने भारत में कई वर्ष बिताएं थे,इस दौरान उन्होंने एक किताब लिखी थी इण्डिया। स्ट्रेची ने कहा कि अतीत में भारतीय राष्ट्र नाम की कोई चीज़ नहीं थी,न ही भविष्य में उसके ऐसा होने की संभावना है। स्ट्रेची ने इस संभावना को […]

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गांधी है तो भारत है

बापू संकीर्ण हिन्दू तो नहीं थे…!

पॉलिटिक्स बापू को दक्षिण अफ्रीका में ईसाई बनाने की खूब कोशिशें की  गई,उन्हें ईसाई धर्म से सम्बन्धित किताबें पढने को भी वहां बहुत दी गई,लेकिन बापू का मन प्रिटोरिया में जिस किताब को पढ़ने में खूब लगा,वह थी,मैक्समूलर की किताब,हिंदुस्तान हमें क्या सिखाता है। मैक्समूलर लिखते है,अगर मुझे पूरे विश्व में किसी ऐसे देश का […]

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पश्चिम से सजग रहने की जरूरत

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप नईदिल्ली में आयोजित जी-20 के शिखर सम्मेलन की सफलता से अभिभूत भारत  की ग्लोबल साऊथ के नेतृत्व की स्वभाविक दावेदारी को पश्चिमी देश इतनी जल्दी आंख दिखाने लगेंगे,कूटनीतिक हलकों में शायद  ही किसी ने इस बारे में सोचा होगा। दरअसल उत्तरी अमेरिका के मजबूत देश कनाडा ने एक चरमपंथी की हत्या में भारत […]

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गांधी है तो भारत है

गांधी मरते क्यों नहीं है…!

   सुबह सवेरे                     यह गांधी का अंतिम आमरण अनशन था। जो 13 जनवरी 1948 को प्रारम्भ हुआ था।  हमेशा की तरह उनका शरीर इस बार भूख और प्यास का संकट झेलने को तैयार नहीं था। इस कारण महज 48 घंटे में ही उनके शरीर ने जवाब दे […]

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गांधी है तो भारत है

संसद को बांझ औरत कहने वाला महात्मा…!

सुबह सवेरे                                                                   बापू बिहार में थे और माउन्टबेटन को उनसे बहुत जरुरी वार्ता करनी थी। माउन्टबेटन ने बापू को बुलावा पहुंचाया और […]

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 महिला राजनीतिज्ञ मोहताज़ नहीं

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप,शीर्ष महिला राजनीतिज्ञ कभी किसी संविधानिक कवच की मोहताज़ नहीं रही             संविधानिक मजबूरियों के बूते आने वाले राजनीतिक नेतृत्व की विश्वसनीयता का संकट,पंचायतों से लेकर संसद तक रह सकता है। महिला नेतृत्व को संविधानिक कवच प्रदान करने की जरूरत को स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं माना जा सकता। इंदिरा […]

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रोड़ और कॉरिडोर में टकराव

हस्तक्षेप,राष्ट्रीय सहारा             करीब एक दशक पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जब एशिया प्रशांत नीति की घोषणा की थी तो आशंकित चीन की दुविधा दूर करने अमेरिकी रक्षामंत्री पनेटा बीजिंग की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने चीन की सशस्त्र सेना के इंजीनियरिंग अकादमी के छात्रों को संबोधित करते […]

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