#राष्ट्रीय सहारा
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सत्ता की आत्मघाती सनक 

राष्ट्रीय सहारा मध्यपूर्व में सत्ता में बने रहने की सनक और सत्ता से उखाड़ फेंकने वालों की कोशिशों के बीच हिंसक प्रतिद्वंदिता का पुराना इतिहास रहा है। अरब कबीलाई संस्कृति को अपनी गौरवशाली परम्परा से जोड़कर देखते है,अत: अधिकांश देश अमीर और शहजादों से अभिशिप्त रहे। वहीं जहां लोकतंत्र की गुंजाईश दिखाई दी,उसे शिया और […]

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लद्दाख और छठी अनुसूची

राष्ट्रीय सहारा छठी अनुसूची पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय समुदायों को एक बड़े प्रशासनिक या राजनीतिक ढांचे के भीतर काफी स्वायत्तता देती है। स्वायत्त जिला परिषद  या एडीसी  का  द्वारा संचालित इस निकाय के पास  जल,जंगल और जमीन के स्वतः पुलिस और सामाजिक व्यवस्था को बनाएं रखने के लिए सीमित स्तर पर अदालती अधिकार भी होते है। आदिवासियों […]

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article भारत मे आतंकवाद

धांधली की सरकार,पाक

राष्ट्रीय सहारा किसी भी लोकतांत्रिक देश के नए प्रधानमंत्री  सदन में जब पहला भाषण देते है तो वे पक्ष विपक्ष की राजनीति से कहीं दूर देश के भावी भविष्य की स्वर्णिम संभावनाओं को लेकर अपना नजरिया सामने रखते है। लेकिन पाकिस्तान में ऐसा कुछ भी नहीं होता क्योंकि वहां असल लोकतंत्र दिखाई ही नहीं पड़ता।  दरअसल […]

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चंदे का विदेशी फंडा

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप चुनाव  लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और राजनीतिक दल लोकतंत्र के संचालन के प्रमुख घटक है। राजनीतिक दलों के संचालन और चुनावों से सत्ता के शीर्ष पर आने की उनकी कोशिशों में धन की प्रमुख जरूरत होती है। राजनीतिक दलों के सामने यह चुनौती होती है की वे इसे वैध तरीके […]

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पाकिस्तान,सैन्य समर्थित सरकार की चुनौती

राष्ट्रीय सहारा                                         पाकिस्तान के सैन्य नियंत्रित लोकतंत्र के तौर तरीकों और संचालन में इतनी जटिलताएं है कि इस इस्लामिक देश के निष्पक्ष लोकतंत्रीकरण की कोई गुंजाईश नजर नहीं आती है। राजनीतिक नेताओं की हत्या,सरकारों की […]

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मालद्वीप-सामरिक घेरेबंदी की कोशिश,राष्ट्रीय सहारा

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप भारत के सामने अपनी वैश्विक साख कायम करने की चुनौती हिन्द महासागर में बसा करीब  बारह सौ द्वीपों वाले देश मालद्वीप की 98 फीसदी आबादी सुन्नी है और इस्लामिक राष्ट्रवाद यहां की राजनीति पर पूरी तरह से हावी हो चूका है। राजधानी माले में बहुत कम विदेशी दूतावास है लेकिन पाकिस्तान,सऊदी अरब और […]

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बांग्लादेश में बिना विपक्ष के चुनाव,राष्ट्रीय सहारा

राष्ट्रीय सहारा बांग्लादेश की वैश्विक साख एक आर्थिक टोकरी के तौर पर तो पुख्ता है लेकिन लोकतांत्रिक प्रतिबद्धताओं को लेकर भारत का यह पड़ोसी देश वैश्विक आलोचनाओं के केंद्र में है।  दरअसल आगामी 7 जनवरी को बांग्लादेश में आम  चुनाव होने वाले है। जनतान्त्रिक व्यवस्था का अनिवार्य अंग सत्तारूढ़ दल की आलोचना की आज़ादी को […]

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  कश्मीर पर शक्तिशाली इस्लामिक देश भारत के साथ

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप बदलती दुनिया में कूटनीति के रास्ते आर्थिक फायदों से तय होते है।  1990 के दशक में वैश्वीकरण के बाद भारत की अर्थव्यवस्था ने नए सोपान तय किये है, इसका असर विश्व स्तर पर बखूबी पड़ा है और इस्लामिक देश भी इससे अछूते नहीं है।  इस सबके बीच इस्लामिक देशों की बादशाहत करने का […]

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हमास पर पाकिस्तानी रुख

राष्ट्रीय सहारा                            हमास पर पाकिस्तानी रुख उम्माह का उपयोग इस्लामिक जगत में व्यापक एकता के लिए किया जाता है,इसे  अरब राष्ट्रवाद भी कह सकते है जो दुनियाभर में फैले इस्लाम के अनुयायियों को आक्रामक रूप से जोड़ता है। हमास इजराइल संघर्ष शुरू होने के बाद से ही पाकिस्तान में इजराइल विरोधी प्रदर्शन बड़े पैमाने […]

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विकसित और विकासशील देशों में नागरिक सुरक्षा पर गहरा अंतर

हस्तक्षेप,राष्ट्रीय सहारा विकसित और विकासशील देशों में नागरिक सुरक्षा पर गहरा अंतर आपदाओं के दौरान नेतृत्व,जवाबदेही और जिम्मेदारी को लेकर दुनियाभर की विभिन्न सरकारों की तुलना में यह तथ्य उभर कर आता है की अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विकसित देश और विकासशील तथा पिछड़े देशों की नीतियों में गहरा अंतर है। विकसित देशों […]

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