हमें धर्म की जरूरत क्यों है
सुबह सवेरे धर्म,आस्था,आध्यात्म मनुष्य के संस्कारों से विचारों में प्रवेश करता है और फिर व्यवहार में वह जीवनपर्यंत प्रतिबिम्बित होता रहता है। स्वामी विवेकानन्द ने धर्म के गूढ़ रहस्यों पर गहरी मीमांसा प्रस्तुत की है। लेकिन इन सबके साथ स्वामी विवेकानन्द ने धर्म को आलौकिक समझने और कहने पर सवाल भी उठाएं है। दरअसल आलौकिकता मनुष्य की सीमाओं […]
