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अमेरिका के पास भारत का कोई विकल्प नहीं

 पीपुल्स समाचार  कोई भी देश वैश्विक ताक़त बड़ी और मज़बूत अर्थव्यवस्था के आधार पर बनता है। ट्रम्प इस बात को बखूबी जानते है,इसीलिए उन्होंने भारत की सामरिक स्वायत्ता को खत्म करने के लिए टैरिफ का दांव खेल दिया है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की […]

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ट्रम्प की भारत से बिदाई तय है

                   सुबह सवेरे                    प्रत्येक राष्ट्र का यह मौलिक अधिकार है की वह अपनी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपने भौगोलिक वातावरण,प्राकृतिक संसाधनों,वन,जल,खनिज,मानव संसाधन और कृषि  का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे और उचित दामों पर वस्तुओं  की उपलब्धता से आम जनता को खुशहाल करें। महात्मा गांधी के लिए […]

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रूस पर निर्भरता

          दैनिक जागरण,राष्ट्रीय                    कम्युनिस्ट रूस और दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के आपसी मजबूत सम्बन्ध पश्चिम को हैरान और परेशान करते रहे है,यह समस्या दशकों पुरानी है। रूस के साथ सामरिक और आर्थिक संबंध मजबूत रहने से भारत पूंजीवादी दुनिया की महत्वाकांक्षी नीतियों के शिकंजे […]

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ईरान के अवैध तेल का वैश्विक बाज़ार

नवभारत टाइम्स ट्रम्प अगर यह सोच रहे है की वे छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबन्ध लगाकर ईरान के ऊर्जा व्यापार और शिपिंग नेटवर्क को ध्वस्त कर देंगे,तो उनका अंदाजा बिल्कुल गलत है। क्योंकि ईरान के अवैध तेल साम्राज्य को आगे बढ़ाने में दुनिया के 27 देश शामिल है। इसमें अमेरिका के मध्यपूर्व में रणनीतिक भागीदार […]

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बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हमलों से किसे होगा फायदा…?          

सुबह सवेरे   बांग्लादेश के रंगपुर ज़िले में पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक पोस्ट के आरोप में कई हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाया गया।घटना के बाद कई लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे तथ्य सामने आएं है जिसके अनुसार मस्जिद के लाउडस्पीकर से लोगों को हमले के […]

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भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता

जनसत्ता विकसित देशों को लेकर एक आमतौर पर यह राय है की लोग विकासशील और पिछड़े देशों से आयात किए गए सामान को ऊंचे दाम में ख़ुशी ख़ुशी खरीद लेते है। इसका कारण विकसित देशों के लोगों की आय की उच्चता को माना जाता है। इन देशों में प्रवासी और आप्रवासियों के प्रति  व्यवहार बेहतर […]

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यूरोप और अमेरिकी एकता भारत के हित में

स्वदेश  अब  ट्रम्प यथार्थवाद की उस सच्चाई को स्वीकारने के बहुत करीब नजर आ रहे है जिसके अंतर्गत अमेरिका और  रूस के बीच शक्ति संतुलन की प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करने के लिए अमेरिका को यूरोप की जरूरत है। अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी सैन्य,आर्थिक और तकनीकी शक्ति है लेकिन आज की बहुध्रुवीय  वैश्विक व्यवस्था […]

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अमेरिका और यूरोप पर भारत को नहीं है भरोसा

  नवभारत टाइम्स                            अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में बलपूर्वक कूटनीति एक आकर्षक रणनीति है। यह पारंपरिक सैन्य बल का उपयोग किए बिना राजनीतिक लागतों के साथ राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने की संभावना प्रदान करती है। नाटो के महासचिव मार्क रुट ने रूस के बहाने भारत और ब्राज़ील को धमकाने की जो कोशिशें की है,उसमें नाटो […]

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ईरान की मिसाइलों ने हिला दी महाशक्तियों की नींव

जनसत्ता  सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य और परमाणु शक्ति संपन्न देश अमेरिका,रूस,चीन,ब्रिटेन और फ़्रांस भी विश्वासपूर्वक यह दावा नहीं कर सकते की उनकी वायु सुरक्षा प्रणाली अभेद्य है। दरअसल ईरान इजराइल युद्द भले ही फ़िलहाल रुक गया हो लेकिन ईरान की मिसाइलों ने इजराइल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले मिसाइल डिफेन्स सिस्टम में […]

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ट्रम्प के सामने बेबस यूरोप

नवभारत नियम आधारित व्यवस्था पर यूरोप का भरोसा है लेकिन ट्रम्प का नहीं। मानवाधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के लिए यूरोप सजग है लेकिन ट्रम्प नहीं। पुतिन के आक्रमक साम्यवाद से यूरोप चिंतित है लेकिन ट्रम्प नहीं। सामरिक मदद देकर यूक्रेन को मजबूत रखने के लिए यूरोप प्रयत्नशील है लेकिन ट्रम्प नहीं। नियन्त्रण और संतुलन […]

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