#ईरान
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भारत की गुप्त कूटनीति

नवभारत कूटनीतिक रूप से  यह माना जाता है की जब दो देशों के बीच गहरा अविश्वास हो तो किसी तीसरे देश द्वारा मध्यस्थता करना एक कूटनीतिक  गलतियां  जोखिम भरा कदम हो सकता है। ऐसे मामलों में तीसरा पक्ष अक्सर खुद फंस जाता है और तीसरे पक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल  उठने लग जाते है। तीसरा […]

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मध्यपूर्व को चाहिए मजबूत मध्यस्थ

    जनसत्ता                                               किसी भी जटिल अंतर्राष्ट्रीय विवाद के समाधान के लिए पहले विश्वास निर्माण आवश्यक है,तभी सार्थक और स्थायी समाधान संभव हो सकता है। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत की असफलता का एक प्रमुख कारण यह था कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गहरे अविश्वास को दूर […]

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अविश्वास की कूटनीति,कमजोर मध्यस्थ और वार्ता  नाकाम

सत्ता मेल अविश्वास की कूटनीति देशों को यह याद दिलाती है कि वे केवल अपने हितों पर निर्भर रहें। जब देशों को एक-दूसरे पर भरोसा नहीं होता,तो वे समझौते बहुत सोच-समझकर और स्पष्ट शर्तों के साथ करते है,जिससे भविष्य में धोखा मिलने की संभावना नहीं हो। 50 साल की कट्टर दुश्मनी को भूल कर किसी […]

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आधुनिकता,अनुसंधान,शिक्षा और प्रगति से भरपूर है ईरान

नवभारत अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी तनावपूर्ण हालात में ईरान की सामरिक क्षमता केवल उसकी सैन्य शक्ति का परिणाम नहीं है,बल्कि यह उसके मजबूत शैक्षिक ढांचे और वैज्ञानिक प्रगति का प्रतिफल भी है। दरअसल वैश्विक परिदृश्य में ईरान एक ऐसा इस्लामिक राष्ट्र है,जिसने  जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों,आर्थिक प्रतिबंधों और कूटनीतिक,रणनीतिक तथा राजनीतिक दबावों के बावजूद […]

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ईरानी राष्ट्रवाद से हार गई दुनिया

नवभारत                  ईरान की मजबूती का एक प्रमुख आधार उसका गहरा और ऐतिहासिक राष्ट्रवाद रहा है। ईरान में राष्ट्रवाद राजनीतिक तौर पर बहुत मजबूत है तथा इसमें सांस्कृतिक,धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का सम्मिलित प्रभाव है। दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में शामिल फारसी सभ्यता की प्राचीन विरासत लोगों […]

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मध्यपूर्व से उभरता नया शक्ति संतुलन

जनसत्ता                   किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति,प्राकृतिक संसाधन,समुद्री मार्ग,पर्वत,रेगिस्तान और सीमाएं यह तय करती है कि वहां की राजनीति,सुरक्षा नीति और कूटनीति किस दिशा में विकसित होगी। दक्षिण-पश्चिम एशिया,दक्षिण-पूर्वी यूरोप और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका तक विस्तारित मध्यपूर्व की कोई स्पष्ट और सर्वमान्य भौगोलिक सीमा नहीं है। यही कारण […]

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इजराइल के खिलाफ कभी नहीं जाएंगे पुतिन

नवभारत ईरान पर अमेरिका और इजराइल के भीषण हमलों को रोकने की क्षमता यदि दुनिया में किसी देश के पास है तो वह रूस है। ईरान और रूस के गहरे रणनीतिक संबंध भी है तथा दोनों देश अमेरिका के प्रतिद्वंदी भी है। रूस यदि अपनी किसी परमाणु पनडुब्बी या नौसैनिक शक्ति को ईरान की रक्षा […]

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ढह जायेगा खामनेई का साम्राज्य

नवभारत इतिहास गवाह है कि तानाशाहों को जनता कभी माफ़ नहीं करती। तानाशाही  भय,दमन,हिंसा और जनता का उत्पीड़न करके खुद को सुरक्षित बनाने की कोशिश करती रहती।ईरान की धार्मिक तानाशाही इस लिहाज़ से और भी खतरनाक रही है,क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने सत्ता को ईश्वर और धर्म के नाम पर वैध […]

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ईरान के अवैध तेल का वैश्विक बाज़ार

नवभारत टाइम्स ट्रम्प अगर यह सोच रहे है की वे छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबन्ध लगाकर ईरान के ऊर्जा व्यापार और शिपिंग नेटवर्क को ध्वस्त कर देंगे,तो उनका अंदाजा बिल्कुल गलत है। क्योंकि ईरान के अवैध तेल साम्राज्य को आगे बढ़ाने में दुनिया के 27 देश शामिल है। इसमें अमेरिका के मध्यपूर्व में रणनीतिक भागीदार […]

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ईरान की मिसाइलों ने हिला दी महाशक्तियों की नींव

जनसत्ता  सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य और परमाणु शक्ति संपन्न देश अमेरिका,रूस,चीन,ब्रिटेन और फ़्रांस भी विश्वासपूर्वक यह दावा नहीं कर सकते की उनकी वायु सुरक्षा प्रणाली अभेद्य है। दरअसल ईरान इजराइल युद्द भले ही फ़िलहाल रुक गया हो लेकिन ईरान की मिसाइलों ने इजराइल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले मिसाइल डिफेन्स सिस्टम में […]

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