#ब्रह्मदीप अलूने
article भारत मे आतंकवाद

कितना सुरक्षित है भारत

राष्ट्रीय सहारा,26/11 के बाद कितना सुरक्षित है भारत    दुनिया की ख्यात सुरक्षा एजेंसी मोसाद के जासूसों और एजेंट्स के इतने बड़े नेटवर्क और पूरे इलाक़े में हाइटेक सर्विलांस के बाद भी इजराइल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी। हमास के आतंकी बड़ी संख्या में जमीन,आसमान और समन्दर के रास्ते एक साथ इजराएल में घुसे,लोगों […]

Read More
article

ब्रिक्स से दूर भारत

नवभारत टाइम्स                                 चीनी प्रभाव का गहराता साया                                  अब ब्रिक्स से दूर हो रहा है भारत… दुनिया के बड़े देशों के व्यापारिक समूह ब्रिक्स के इस साल हुए विस्तार के बाद यह आशंका गहराने लगी थी की अब इस पर चीन का प्रभाव होगा। इजराइल फिलीस्तीन संघर्ष के बीच चीन की नई वैश्विक राजनीति  और […]

Read More
Uncategorized

चीन अमेरिका अव्यवहारिक आदर्शवाद     

राष्ट्रीय सहारा अमेरिका की विदेश नीति राष्ट्रीय हित और अव्यवहारिक आदर्शवाद का विचित्र मिश्रण है,वहीं चीन माओं की साम्यवादी और विस्तारवादी आकांक्षाओं से बुरी तरह अभिशिप्त है। अमेरिका और चीन में वैचारिक और नीतिगत इतनी असमानताएं है की इन दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य रखना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता।  इन […]

Read More
Uncategorized

कतर की कुटिलता, राष्ट्रीय सहारा

राष्ट्रीय सहारा  दुनिया के अलग अलग क्षेत्रों  में वैधानिक सत्ता के खिलाफ हिंसक संघर्ष करने वाले इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों को वार्ता की मेज पर बिठा लेने में माहिर क़तर की वैदेशिक नीतियां विरोधाभासों से घिरी हुई रही है। यही कारण है की 2017 में, सऊदी अरब,संयुक्त अरब अमीरात,मिस्र और बहरीन ने,उस पर ईरान के क़रीब […]

Read More
Uncategorized

हमास की बर्बरता पर उन्मादी जश्न

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप                                                                          आतंक की कूटनीति का प्रयोग क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर होता रहा है,मध्यपूर्व में इजराइल और फिलीस्तीन […]

Read More
Uncategorized

संतुलन साधता नेपाल,जनसत्ता     

जनसत्ता             नेपाल को अपने राष्ट्रीय हित और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत और चीन से संतुलित सम्बन्धों की जरूरत है और प्रचंड उस दिशा में सफल होते दिखाई दे रहे है। दरअसल नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कुमार दहल प्रचंड ने चीन के साथ द्विपक्षीय समझौतों में जो दूरदर्शिता दिखाई है वह […]

Read More
गांधी है तो भारत है

 विभाजित भारत की बुनियाद में बापू कहां है…!

स्वतंत्र समय             गवर्नर जनरल काउन्सिल के सदस्य सर जॉन स्ट्रेची ने भारत में कई वर्ष बिताएं थे,इस दौरान उन्होंने एक किताब लिखी थी इण्डिया। स्ट्रेची ने कहा कि अतीत में भारतीय राष्ट्र नाम की कोई चीज़ नहीं थी,न ही भविष्य में उसके ऐसा होने की संभावना है। स्ट्रेची ने इस संभावना को […]

Read More
गांधी है तो भारत है

बापू संकीर्ण हिन्दू तो नहीं थे…!

पॉलिटिक्स बापू को दक्षिण अफ्रीका में ईसाई बनाने की खूब कोशिशें की  गई,उन्हें ईसाई धर्म से सम्बन्धित किताबें पढने को भी वहां बहुत दी गई,लेकिन बापू का मन प्रिटोरिया में जिस किताब को पढ़ने में खूब लगा,वह थी,मैक्समूलर की किताब,हिंदुस्तान हमें क्या सिखाता है। मैक्समूलर लिखते है,अगर मुझे पूरे विश्व में किसी ऐसे देश का […]

Read More
Uncategorized

पश्चिम से सजग रहने की जरूरत

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप नईदिल्ली में आयोजित जी-20 के शिखर सम्मेलन की सफलता से अभिभूत भारत  की ग्लोबल साऊथ के नेतृत्व की स्वभाविक दावेदारी को पश्चिमी देश इतनी जल्दी आंख दिखाने लगेंगे,कूटनीतिक हलकों में शायद  ही किसी ने इस बारे में सोचा होगा। दरअसल उत्तरी अमेरिका के मजबूत देश कनाडा ने एक चरमपंथी की हत्या में भारत […]

Read More
गांधी है तो भारत है

गांधी मरते क्यों नहीं है…!

   सुबह सवेरे                     यह गांधी का अंतिम आमरण अनशन था। जो 13 जनवरी 1948 को प्रारम्भ हुआ था।  हमेशा की तरह उनका शरीर इस बार भूख और प्यास का संकट झेलने को तैयार नहीं था। इस कारण महज 48 घंटे में ही उनके शरीर ने जवाब दे […]

Read More