#जनसत्ता
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मध्यपूर्व को चाहिए मजबूत मध्यस्थ

    जनसत्ता                                               किसी भी जटिल अंतर्राष्ट्रीय विवाद के समाधान के लिए पहले विश्वास निर्माण आवश्यक है,तभी सार्थक और स्थायी समाधान संभव हो सकता है। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत की असफलता का एक प्रमुख कारण यह था कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गहरे अविश्वास को दूर […]

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मध्यपूर्व से उभरता नया शक्ति संतुलन

जनसत्ता                   किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति,प्राकृतिक संसाधन,समुद्री मार्ग,पर्वत,रेगिस्तान और सीमाएं यह तय करती है कि वहां की राजनीति,सुरक्षा नीति और कूटनीति किस दिशा में विकसित होगी। दक्षिण-पश्चिम एशिया,दक्षिण-पूर्वी यूरोप और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका तक विस्तारित मध्यपूर्व की कोई स्पष्ट और सर्वमान्य भौगोलिक सीमा नहीं है। यही कारण […]

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मुक्त व्यापार और भारत के अन्तर्विरोध

जनसत्ता                                                                                                               […]

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लैटिन अमेरिका का भविष्य

जनसत्ता  मेक्सिको,मध्य अमेरिका,कैरिबियन और दक्षिण अमेरिका के कई देशों तक फैला हुआ लैटिन अमेरिका संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से भौगोलिक रूप से जुड़ा हुआ है, इसकी स्थिरता और सुरक्षा अमेरिका के राष्ट्रीय हितों से जुड़ी है। यह अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है और विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। लैटिन अमेरिका के […]

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पाकिस्तान में क्रिप्टोकरेंसी अर्थात् अमीर सुरक्षित और गरीब बर्बाद  

जनसत्ता एक सफल डिजिटल मुद्रा प्रणाली के लिए तकनीकी नवाचार,आर्थिक स्थिरता और नियामक ढांचा होना आवश्यक है। इंटरनेट पहुंच के साथ व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए लोगों में डिजिटल साक्षरता भी आवश्यक है। क्रिप्टोकरेंसी की सफलता के लिए इसे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए,तकनीकी रूप से सुलभ होना चाहिए और एक सहायक कानूनी […]

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का राजनीतिक संकट

 जनसत्ता  बांग्लादेश में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाने  के बाद भारत के इस पड़ोसी देश में अस्थिरता और हिंसा की चपेट में आने की आशंका गहरा गई है।इसका सीधा असर देश के अल्पसंख्यकों पर होगा,कट्टरपंथी ताकतें मजबूत होगी,वैधानिक व्यवस्थाओं प्रभावित हो सकती है तथा गृहयुद्द जैसे हालात उत्पन्न हो […]

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भारत की नई अफगान नीति

जनसत्ता   कूटनीति एक गतिशील और बहुआयामी प्रक्रिया है। तालिबान प्रशासित अफगानिस्तान में भारत के  तकनीकी मिशन को दूतावास में बदलने के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है की बदलते वैश्विक परिदृश्य में कूटनीति अपेक्षाकृत ज्यादा व्यावहारिक और यथार्थवादी हो गई है और भारत ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। अफ़ग़ानिस्तान दक्षिण एशिया,मध्य एशिया […]

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नेपाल में असंतोष और भारत की चुनौती

जनसत्ता नेपाल का आधुनिक राजनीतिक इतिहास जनता के निरंतर संघर्ष,आकांक्षाओं और असंतोष की गाथा है। राजतंत्र से लोकतंत्र और फिर गणराज्य तक की यात्रा में नेपाली जनता ने बार-बार सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद की है। जनता ने निरंकुश राजतंत्र को चुनौती देकर करीब ढाई सौ साल पुरानी व्यवस्था को उखाड़ फेंका था और […]

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भारत की विदेश नीति की नई चुनौती

जनसत्ता                                                                                            कूटनीति का एक प्रमुख दायित्व यह होता है कि […]

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चीन से सहयोग की कूटनीतिक चुनौती

जनसत्ता द्विपक्षीय सम्बन्धों में सहयोग और प्रतिस्पर्धा के गुण कूटनीतिक जटिलताओं को दिखाते है,भारत और चीन इसके पर्याय है। एशिया की दो महान शक्तियां एक दूसरे की पड़ोसी है,सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए है लेकिन सीमा विवाद ऐसी लक्ष्मण रेखा है जो राजनीतिक सम्बन्धों को सामान्य होने नहीं […]

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