इंटरनेशनल कोर्ट का संकट
राष्ट्रीय सहारा […]
पॉलिटिक्स इजराइल को न तो पश्चिम पर भरोसा है,न अमेरिका पर और न ही अरबों पर। दरअसल यहूदियों को खत्म करने की कोशिशों में सब शामिल रहे है। यहीं कारण है कि यहूदी अपना रास्ता खुद चुनते है फिर चाहे उन्हें इसकी कोई भी कीमत अदा करना पड़े, लेकिन वे अपनी मंजिल तक पहुँच […]
नवभारत टाइम्स इतिहास कभी किसी को माफ नहीं करता और कम से कम ईरान के मरहूम राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को तो कभी भी नहीं जिन्होनें अपने जीवनकाल में हिजाब पहनों नहीं तो हम तुम्हारे सिर पर मुक्का मारेंगे,मुसलमान हो या मार्क्सवादी,राजनीतिक विरोधियों का अंत ईश्वरीय इच्छा है जैसे नारे गढ़े और कानून का बेजा […]
जनसत्ता ईरान,यूरेशिया और हिन्द महासागर के मध्य एक प्राकृतिक प्रवेश द्वार है,जिससें भारत रूस और यूरोप के बाजारों तक आसानी से पहुंच सकता है। एशिया महाद्वीप की दो महाशक्तियां भारत और चीन की सामरिक प्रतिस्पर्धा समुद्री परिवहन और पारगमन की रणनीति पर देखी जा सकती है। चीन की पर्ल ऑफ स्प्रिंग के जाल को भेदने […]
राष्ट्रीय सहारा मध्य और दक्षिणपूर्व यूरोप के चौराहे पर स्थित सर्बिया में हजारों लोगों ने चीन और सर्बिया के झंडे हाथों में लिए शी जिनपिंग का जिस गर्मजोशी से स्वागत किया है उसने यह संदेश दिया है कि चीन को रोकने की अमेरिकी कोशिशें नाकाफी साबित हो रही है और यह नई विश्व व्यवस्था में […]
नवभारत टाइम्स वैश्विक व्यापार को संचालित करने में जल क्षेत्र की बड़ी भूमिका है,अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग उद्योग के जरिए लगभग 90 फीसदी परिवहन होता है। दुनिया भर में फैले समुद्री मार्गों का संचालन अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत किया जाता है लेकिन अब चीन ने खुफिया रास्ते ढूंढकर दुनिया के सामने चुनौतियां बढ़ा दी है। ईरान वर्तमान में वैश्विक वित्तीय और […]
राष्ट्रीय सहारा हिन्द महासागर में शक्ति संतुलन बनाएं रखने के लिए बीजिंग और नई दिल्ली दोनों मालदीव को अपने प्रभाव क्षेत्र में रखने के लिए कृतसंकल्पित रहे है। इसका असर मालदीव की घरेलू राजनीति पर भी देखने को मिल रहा है। भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिण पश्चिम में स्थित इस द्वीपीय देश में मुइज्जू के राजनीतिक […]
राष्ट्रीय सहारा चुनाव प्रशासन के लिए नैतिक मानक होना चाहिए,इसे लेकर दुनिया के लगभग सभी लोकतांत्रिक देशों में संस्थाएं काम करती है। कुछ देशों में यह कार्य भारत की तरह संविधानिक संस्था देखती है तो यूके जैसे पुराने और उदार लोकतंत्र,राजनीतिक दलों से यह अपेक्षा करते है कि समावेशी विचारधारा पर किसी प्रकार का मतभेद […]
पॉलिटिक्स लोकतांत्रिक भारत में समानता के मौलिक अधिकार के जरिए सामाजिक न्याय हासिल करने की कोशिशों में जुटे वंचित वर्गों की चुनौतियां कभी भी खत्म होती नहीं दिखाई पड़ती। भारत के राजनीतिक दलों पर हावी सामंती तंत्र बेहद खूबसूरती से इन वंचितों के मतदान के अधिकार का सम्मान करते हुए और उनकी सांविधानिक शक्तियों के […]