#ब्रह्मदीप अलूने
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आपराधिक न्यायालय की फजीहत

प्रजातंत्र रोमन देवी जस्टीशिया,आंखों पर पट्टी बंधी न्याय की देवी के रूप में न्यायालयों में प्रतीक के तौर पर नजर आती है। उनके एक हाथ में तराजू और दूसरे में तलवार होती है। आंखों पर पट्टी न्याय की निष्पक्षता का प्रतीक है। तराजू न्याय के संतुलन का प्रतीक है। यदि दूसरे शब्दों में कहें तो […]

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पश्चिम में दंड नहीं पुनर्वास पर बल

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप  दंड के औचित्य और उद्देश्य को पश्चिम और शेष दुनिया में गहरा वैचारिक और वैधानिक अंतर है। आमतौर पर यह देखा गया है कि विकासशील और पिछड़े देशों में न्याय की अवधारणा और नीतियां प्रतिशोध पर आधारित कड़ी होती है और इसे लोकप्रिय भी माना जाता है। प्रतिशोधात्मक न्याय आपराधिक न्याय की एक […]

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संकट में फिलिस्तीन राष्ट्र का सपना

जनसत्ता क्षेत्र विस्तारवाद का अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में बहुत महत्व रहा है। राजनीतिक सत्ताएं इसे सैन्यवादी विचारधारा से पोषित करती है जिसके अनुसार  यह माना जाता है कि शक्ति से ही शान्ति आती है। मध्यपूर्व में इस्राइल विस्तारवाद की रणनीति को आत्मसात कर चूका है वहीं फिलिस्तीन की विभाजित सत्ताओं पर हावी हमास शक्ति और आक्रमण को […]

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इंटरनेशनल कोर्ट का संकट

राष्ट्रीय सहारा                                                                                                              […]

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यहूदी इतने आक्रामक क्यों है…?

पॉलिटिक्स     इजराइल को न तो पश्चिम पर भरोसा है,न  अमेरिका पर और न ही अरबों पर। दरअसल यहूदियों को खत्म करने की कोशिशों में सब शामिल रहे है। यहीं कारण है कि यहूदी अपना रास्ता खुद चुनते है  फिर चाहे उन्हें  इसकी कोई भी कीमत अदा करना पड़े, लेकिन वे अपनी मंजिल तक पहुँच […]

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क्रूर इब्राहिम रईसी का अंत

  नवभारत टाइम्स इतिहास कभी किसी को माफ नहीं करता और कम से कम ईरान के मरहूम  राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को तो कभी भी नहीं जिन्होनें अपने  जीवनकाल में हिजाब पहनों नहीं तो हम तुम्हारे सिर पर मुक्का मारेंगे,मुसलमान हो या मार्क्सवादी,राजनीतिक विरोधियों का अंत ईश्वरीय इच्छा है जैसे नारे गढ़े और कानून का बेजा […]

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भारत ईरान संबंधों का भविष्य

जनसत्ता ईरान,यूरेशिया और हिन्द महासागर के मध्य एक प्राकृतिक प्रवेश द्वार है,जिससें भारत रूस और यूरोप के बाजारों तक आसानी से पहुंच सकता है। एशिया महाद्वीप की दो महाशक्तियां भारत और चीन की सामरिक प्रतिस्पर्धा समुद्री परिवहन और पारगमन की रणनीति पर देखी जा सकती है। चीन की पर्ल ऑफ स्प्रिंग के जाल को भेदने […]

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ईयू में चीन की घुसपैठ

राष्ट्रीय सहारा  मध्य और दक्षिणपूर्व यूरोप के चौराहे पर स्थित सर्बिया में हजारों लोगों ने चीन और सर्बिया के झंडे हाथों में लिए शी जिनपिंग का जिस गर्मजोशी से स्वागत  किया है उसने यह संदेश दिया है कि चीन को रोकने की अमेरिकी कोशिशें नाकाफी साबित हो रही है और यह नई विश्व व्यवस्था में […]

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ईरान और चीन के अवैध व्यापार का खुफिया समुद्री मार्ग

नवभारत टाइम्स वैश्विक व्यापार को संचालित करने में जल क्षेत्र की बड़ी भूमिका है,अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग उद्योग के जरिए लगभग 90 फीसदी परिवहन होता है। दुनिया भर में फैले समुद्री मार्गों का संचालन अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत किया जाता है लेकिन अब चीन ने खुफिया रास्ते ढूंढकर दुनिया के सामने चुनौतियां बढ़ा दी है। ईरान वर्तमान में वैश्विक वित्तीय और […]

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भारत विरोध पर मुहर

राष्ट्रीय सहारा हिन्द महासागर में शक्ति संतुलन बनाएं रखने के लिए बीजिंग और नई दिल्ली दोनों मालदीव को अपने प्रभाव क्षेत्र में रखने के लिए कृतसंकल्पित रहे है। इसका असर मालदीव की घरेलू राजनीति पर भी देखने को मिल रहा है। भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिण पश्चिम में स्थित इस द्वीपीय देश में मुइज्जू के राजनीतिक […]

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