#ब्रह्मदीप अलूने
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भौगोलिक चुनौतियां फिर उजागर

राष्ट्रीय सहारा                                                                एक सक्षम सुरक्षा नीति वही है जो भूगोल की वास्तविकताओं के साथ तालमेल रखे। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे सामरिक रूप से […]

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article भारत मे आतंकवाद

धर्मान्धता से आतंक को पुर्नजीवित करने की ना”पाक” कोशिशें

प्रजातंत्र धर्मान्धता का राजनीतिक इस्तेमाल बहुत ही गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है,यह न केवल शांति,सुरक्षा और मानवता के लिए ख़तरा है,बल्कि लोकतंत्र और सामाजिक एकता को भी गहरे स्तर पर प्रभावित करता है। कश्मीर में पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर जिस प्रकार गोली मारी गई,वह उसी साम्प्रदायिक सोच को दर्शाती है जिसका राजनीतिक इस्तेमाल कर […]

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बांग्लादेश को लेकर भारत की विदेश नीति कैसी हो….

नवभारत टाइम्स  हम पीछे मुड़कर देखे तो पिछले साल तक भारत और बांग्लादेश के सम्बन्ध बेहद मजबूत थे और दोनों देशों के बीच आर्थिक,सामाजिक,सांस्कृतिक और रणनीतिक समन्वय उम्मीदों के बढ़ा रहा था।  5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होते ही दोनों देशों के सम्बन्ध अब निम्नतर स्थिति में पहुंच गए है। इसका […]

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 हमास की टनल बैटल स्ट्रैटेजी का इजराइल पर खौफ

वेबदुनिया अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में यह विश्वास किया जाता है की किसी दूसरे देश में सैन्य आधारित नीतियों से गहरी राजनीतिक समस्याएं पैदा होती हैं। हालांकि  इजराइल और अमेरिका के लिए स्थापित मान्यताएं कभी बाधा नहीं समझी जाती और वह अपने राजनीतिक और सामरिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कोई भी कदम उठाने से परहेज नहीं  करते […]

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म्यांमार में लोकतांत्रिक शासन की बहाली भारत की जरूरत

जनसत्ता भारत की पहली प्राथमिकता म्यांमार में लोकतांत्रिक शासन की बहाली और आंग सान सू की जेल से रिहाई होना चाहिए। अभी सैन्य सरकार  गहरे दबाव में है और देश को टूटने से बचाने के लिए वह भारत की मध्यस्थता को स्वीकार  करने को मजबूर होगी। म्यांमार के आम लोगो और गांधीवादी नेता आंग सान […]

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आरक्षण भोगी अभिजात्य वर्ग और अंबेडकर

राष्ट्रीय सहारा डॉ.अंबेडकर भारत के संभवतः सबसे ज्यादा पढ़े लिखे और विशिष्ट अकादमिक डिग्री हासिल करने वाले शख्सियत थे। वे भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश भी बन सकते थे,लेकिन यदि उन्हें यह पेशकश की गई होती तो वे इसे शायद ही स्वीकार करते। इस बात की पूरी संभावना है की इससे वे यह कहकर […]

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वैश्विक व्यवस्थाओं में वक्फ

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप   तेरहवीं शताब्दी में एक विद्वान हुआ करते थे मार्को लोम्बार्डो।  उन्होंने धर्म और राजनीति के संबंधों पर एक दिलचस्प बात कहीं थी,जो अब भी कहावतों में सुनाई पड़ती है।  मार्को लोम्बार्डो ने कहा था,रोम में दो सूर्य हुआ करते थे,एक दुनिया का मार्ग दिखाता था और दूसरा ईश्वर का मार्ग।  लेकिन समय […]

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  बिम्सटेक अब सार्क का विकल्प

             राष्ट्रीय सहारा                                      शक्ति संतुलन अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण राजनीतिक सिद्धांत है,जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों या शक्ति समूहों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाना है,जिससे कोई भी एक देश या समूह अत्यधिक शक्तिशाली न हो और दूसरे […]

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सकते में सर्वसत्तावाद

 राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप  जब सरकार,विरोधी आवाज़ों को दबाती है तो यह अधिनायकवाद की ओर एक कदम होता है। दुनिया के कई देशों में ऐसी अधिनायकवादी और सर्व सत्तावादी सरकारों को व्यापक जनविरोध का सामना करना पड़ रहा है जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आने के बाद भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित […]

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मप्र में दक्षिण भारतीय भाषाओं में शिक्षा 

राष्ट्रीय सहारा    मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए कई दक्षिण भारतीय भाषाओं को राज्य शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल कर बेहद सकारात्मक संदेश दिया है। अब राज्य के कॉलेजों में हिंदी,अंग्रेजी,संस्कृत और उर्दू के अलावा,बंगाली,मराठी,तेलुगु,तमिल,गुजराती और पंजाबी जैसी भारतीय भाषाओं में भी शिक्षा दी जाएगी। इस […]

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