#ब्रह्मदीप अलूने
article

नेपाल भी सैन्य शासन की ओर बढ़ रहा है….

वेबदुनिया  सिंहासन खाली करो,हमारे राजा आ रहे है,राजा आओ देश बचाओं जैसे नारों के साथ काठमांडू में आगे बढती हुई भीड़ नेपाल में एक बार फिर राजतन्त्र की वापसी की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन कर रही है। 28 मई 2008 में नेपाल में 240 सालों से चली आ रही राजशाही ख़त्म हुई थी,लेकिन डेढ़ […]

Read More
article

सैन्य शासन की आशंका 

राष्ट्रीय सहारा  बांग्लादेश में लाखों मजदूर सड़कों पर है। ये मजदूर गारमेंट फैक्ट्रियों के बंद होने से परेशान हैं। जो फैक्ट्रियां चल रही हैं,वहां काम करने वाले मजदूरों को वेतन नहीं मिल रहा है। मजदूरों के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण कई फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। निवेशक  बांग्लादेश छोड़कर जा रहे है जबकि मजदूर कारखाने को […]

Read More
article

जल रहा है सीरिया

राष्ट्रीय सहारा  राजनीतिक अस्थिरता,धार्मिक हिंसा,चरमपंथ,आतंकवाद और विदेशी हस्तक्षेप सीरिया की मुख्य समस्या रही है और ऐसा लगता है की असद के पतन के बाद भी मध्यपूर्व  के इस देश में शांति लौटती हुई दिखाई नहीं दे रही है। असद के समर्थकों को मोहम्मद अल-जुलानी पर भरोसा नहीं है और उनकी आशंका सच भी साबित हुई […]

Read More
article

 सीरिया में गृहयुद्द की आशंका

 जनसत्ता                अल-क़ायदा और इस्लामिक स्टेट की छाया में रहने वाले सीरिया के सत्तारूढ़ संगठन हयात तहरीर अल-शाम या एचटीएस की पृष्ठभूमि को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे कि उसके नेतृत्व में सीरिया का भविष्य क्या होगा। एचटीएस के नेता अबू मोहम्मद अल जुलानी अपनी छवि को जिहादी लड़ाके से बदल कर आधुनिक और […]

Read More
article

बलूचिस्तान में ध्वस्त हो गया जिन्ना का धर्म आधारित राष्ट्रवाद

वेबदुनिया पाकिस्तान में करीब 97 फीसदी मुसलमान है लेकिन उनमें धार्मिक पहचान से ज्यादा सांस्कृतिक पहचान के भाव है और पाकिस्तान के हुक्मरान इस  खूबी को देश के लिए सबसे बड़ा संकट समझते रहे है। सांस्कृतिक पहचान व्यापक होती है और इसमें भाषा,संगीत,कला,परंपराएं,रीति-रिवाज आदि शामिल होते हैं। जबकि धार्मिक पहचान विशेष रूप से धार्मिक विश्वासों […]

Read More
article

आज़ाद बलूचिस्तान की आग

राष्ट्रीय सहारा  भारतीय सांस्कृतिक एकता की जादुई हकीकत को नजरअंदाज कर,इस्लामिक राष्ट्रवाद की कपोल कल्पित अवधारणा के बूते भाषा,क्षेत्र,जातीय और सांस्कृतिक विविधता के खत्म होने तथा एकरूपता में बंधने की मोहम्मद अली जिन्ना की सोच को पश्तूनों ने शुरूआती दौर में ही गलत ठहरा दिया था। 1971 में पृथक बांग्लादेश ने उसे आइना दिखाया और […]

Read More
article

यूरोप का भविष्य

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप बहुपक्षवाद पर आधारित अंतराष्ट्रीय व्यवस्था को अपनाकर खुशहाल समाज का यूरोप का संदेश ट्रम्प की राष्ट्रवादी सनक के आगे धराशायी होने की कगार पर है। यूरोप की सीमाएं बहुत हद तक काल्पनिक है और यूरोपियनों ने शक्ति को पूर्वानुमान से प्रस्तुत करने का जोखिम बार बार उठाया है। अब ट्रम्प ने जब यूरोप […]

Read More
article

 बांग्लादेश में नया राजनीतिक दल

राष्ट्रीय सहारा कथित इस्लामिक राष्ट्रवाद की स्थापना,जातीय संघर्ष,राजनीतिक असहमति, वैधानिक व्यवस्थाओं में अपारदर्शिता तथा भेदभाव,विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने की  परम्पराएं और सत्तारूढ़ पार्टी का अधिनायकवाद जैसे मुद्दे बांग्लादेश की राजनीतिक संस्कृति का प्रमुख हिस्सा रहे है। बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति के बारे में यह कहा जाता है कि इसके नेताओं का विश्वास संसदीय […]

Read More
article

बदलता वैश्विक परिदृश्य

जनसत्ता                       महाशक्तियों का यह विश्वास रहा है कि सहायता कूटनीति,विदेश नीति के लक्ष्यों को सुगम बनाती है। कई दशकों से विश्व व्यवस्था पर हावी अमेरिकी वर्चस्ववाद को डॉलर कूटनीति ने बहुत बढ़ावा दिया लेकिन अब ट्रम्प सहायता की कूटनीति को नियन्त्रण और संतुलन के आधार पर जिस प्रकार आगे ले जाना चाहते है,उससे  विश्व […]

Read More
article

सांस्कृतिक कूटनीति से मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के संदेश

राष्ट्रीय सहारा,हस्तक्षेप  लिथुआनिया यूरोप महाद्वीप के उत्तरी भाग में बाल्टिक सागर के किनारे स्थित एक देश है। यह तीन बाल्टिक देशों में से सबसे बड़ा है। भारत पूर्वी यूरोप में महत्त्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों के प्रवेश द्वार के रूप में लिथुआनिया की रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाने की कूटनीतिक कोशिशें लगातार कर रहा है। भक्ति और […]

Read More