जनसत्ता विश्व राजनीति में शक्ति का परिवर्तन अचानक नहीं होता। वह धीरे-धीरे विश्वास,आर्थिक प्रभाव और कूटनीतिक अवसरों के माध्यम से विकसित होता है। चीन की यात्रा पर पहले ट्रम्प और उसके बाद पुतिन का पहुंचना केवल औपचारिक कूटनीतिक घटनाएं नहीं थीं। शी जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकातों और उसके बाद हुई घोषणाओं ने दुनिया को […]
ट्रंप-शी वार्ता-कूटनीति की चमक में छिपी प्रतिस्पर्धा
- by brahmadeep alune
- May 17, 2026
नवभारत चीन की राजधानी बीजिंग के केंद्र में स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जब अमेरिकी राष्ट्रगान बजा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ मंच पर दिखाई दिए,तो यह दृश्य केवल एक राजनयिक औपचारिकता नहीं था। यह उस वैश्विक शक्ति-संतुलन का प्रतीक था जिसमें दुनिया की दो सबसे […]
मध्यपूर्व को चाहिए मजबूत मध्यस्थ
- by brahmadeep alune
- April 15, 2026
जनसत्ता किसी भी जटिल अंतर्राष्ट्रीय विवाद के समाधान के लिए पहले विश्वास निर्माण आवश्यक है,तभी सार्थक और स्थायी समाधान संभव हो सकता है। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत की असफलता का एक प्रमुख कारण यह था कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गहरे अविश्वास को दूर […]
अविश्वास की कूटनीति,कमजोर मध्यस्थ और वार्ता नाकाम
- by brahmadeep alune
- April 13, 2026
सत्ता मेल अविश्वास की कूटनीति देशों को यह याद दिलाती है कि वे केवल अपने हितों पर निर्भर रहें। जब देशों को एक-दूसरे पर भरोसा नहीं होता,तो वे समझौते बहुत सोच-समझकर और स्पष्ट शर्तों के साथ करते है,जिससे भविष्य में धोखा मिलने की संभावना नहीं हो। 50 साल की कट्टर दुश्मनी को भूल कर किसी […]
मध्यपूर्व से उभरता नया शक्ति संतुलन
- by brahmadeep alune
- March 23, 2026
जनसत्ता किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति,प्राकृतिक संसाधन,समुद्री मार्ग,पर्वत,रेगिस्तान और सीमाएं यह तय करती है कि वहां की राजनीति,सुरक्षा नीति और कूटनीति किस दिशा में विकसित होगी। दक्षिण-पश्चिम एशिया,दक्षिण-पूर्वी यूरोप और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका तक विस्तारित मध्यपूर्व की कोई स्पष्ट और सर्वमान्य भौगोलिक सीमा नहीं है। यही कारण […]
लैटिन अमेरिका का भविष्य
- by brahmadeep alune
- January 18, 2026
जनसत्ता मेक्सिको,मध्य अमेरिका,कैरिबियन और दक्षिण अमेरिका के कई देशों तक फैला हुआ लैटिन अमेरिका संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से भौगोलिक रूप से जुड़ा हुआ है, इसकी स्थिरता और सुरक्षा अमेरिका के राष्ट्रीय हितों से जुड़ी है। यह अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है और विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। लैटिन अमेरिका के […]
ट्रम्प के जाल में फिर फंस गया पाकिस्तान…!
- by brahmadeep alune
- November 4, 2025
पीपुल्स समाचार पाकिस्तान की सीमा पश्चिम में ईरान,उत्तर-पश्चिम में अफ़ग़ानिस्तान,पूर्व में भारत और दक्षिण में अरब सागर से लगती है। भू-राजनीतिक दृष्टि से यह देश बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और अमेरिका ने इसे सैन्य संसाधन की तरह खूब इस्तेमाल भी किया है। एक बार फिर पाकिस्तान ट्रम्प के जाल में फंस गया है और […]
अब भारतीय प्रतिभाओं की पहली पसंद है जर्मनी
- by brahmadeep alune
- September 30, 2025
राष्ट्रीय दैनिक जागरण अमेरिका की डिजिटल अर्थव्यवस्था केवल आर्थिक समृद्धि का आधार नहीं है, बल्कि यह वैश्विक तकनीकी नेतृत्व और रणनीतिक प्रभाव का प्रमुख स्तंभ भी है। ट्रम्प वीजा प्रक्रिया को जटिल बनाकर भारतीय प्रतिभाओं को अमेरिका में रोकने की कोशिशें तो कर रहे है लेकिन इससे न केवल अमेरिका की डिजिटल अर्थव्यवस्था बर्बाद […]
अमेरिका के पास भारत का कोई विकल्प नहीं
- by brahmadeep alune
- August 8, 2025
पीपुल्स समाचार कोई भी देश वैश्विक ताक़त बड़ी और मज़बूत अर्थव्यवस्था के आधार पर बनता है। ट्रम्प इस बात को बखूबी जानते है,इसीलिए उन्होंने भारत की सामरिक स्वायत्ता को खत्म करने के लिए टैरिफ का दांव खेल दिया है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की […]
रूस पर निर्भरता
- by brahmadeep alune
- August 6, 2025
दैनिक जागरण,राष्ट्रीय कम्युनिस्ट रूस और दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के आपसी मजबूत सम्बन्ध पश्चिम को हैरान और परेशान करते रहे है,यह समस्या दशकों पुरानी है। रूस के साथ सामरिक और आर्थिक संबंध मजबूत रहने से भारत पूंजीवादी दुनिया की महत्वाकांक्षी नीतियों के शिकंजे […]
