#अमेरिका
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मध्यपूर्व को चाहिए मजबूत मध्यस्थ

    जनसत्ता                                               किसी भी जटिल अंतर्राष्ट्रीय विवाद के समाधान के लिए पहले विश्वास निर्माण आवश्यक है,तभी सार्थक और स्थायी समाधान संभव हो सकता है। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत की असफलता का एक प्रमुख कारण यह था कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गहरे अविश्वास को दूर […]

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अविश्वास की कूटनीति,कमजोर मध्यस्थ और वार्ता  नाकाम

सत्ता मेल अविश्वास की कूटनीति देशों को यह याद दिलाती है कि वे केवल अपने हितों पर निर्भर रहें। जब देशों को एक-दूसरे पर भरोसा नहीं होता,तो वे समझौते बहुत सोच-समझकर और स्पष्ट शर्तों के साथ करते है,जिससे भविष्य में धोखा मिलने की संभावना नहीं हो। 50 साल की कट्टर दुश्मनी को भूल कर किसी […]

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मध्यपूर्व से उभरता नया शक्ति संतुलन

जनसत्ता                   किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति,प्राकृतिक संसाधन,समुद्री मार्ग,पर्वत,रेगिस्तान और सीमाएं यह तय करती है कि वहां की राजनीति,सुरक्षा नीति और कूटनीति किस दिशा में विकसित होगी। दक्षिण-पश्चिम एशिया,दक्षिण-पूर्वी यूरोप और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका तक विस्तारित मध्यपूर्व की कोई स्पष्ट और सर्वमान्य भौगोलिक सीमा नहीं है। यही कारण […]

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लैटिन अमेरिका का भविष्य

जनसत्ता  मेक्सिको,मध्य अमेरिका,कैरिबियन और दक्षिण अमेरिका के कई देशों तक फैला हुआ लैटिन अमेरिका संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से भौगोलिक रूप से जुड़ा हुआ है, इसकी स्थिरता और सुरक्षा अमेरिका के राष्ट्रीय हितों से जुड़ी है। यह अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है और विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। लैटिन अमेरिका के […]

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ट्रम्प के जाल में फिर फंस गया पाकिस्तान…!

पीपुल्स समाचार पाकिस्तान की सीमा पश्चिम में ईरान,उत्तर-पश्चिम में अफ़ग़ानिस्तान,पूर्व में भारत और दक्षिण में अरब सागर से लगती है। भू-राजनीतिक दृष्टि से यह देश बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और अमेरिका ने इसे सैन्य संसाधन की तरह खूब इस्तेमाल भी किया है। एक बार फिर पाकिस्तान ट्रम्प के जाल में फंस गया है और […]

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अब भारतीय  प्रतिभाओं की पहली पसंद है जर्मनी

 राष्ट्रीय दैनिक जागरण                   अमेरिका की डिजिटल अर्थव्यवस्था केवल आर्थिक समृद्धि का आधार नहीं है, बल्कि यह वैश्विक तकनीकी नेतृत्व और रणनीतिक प्रभाव का प्रमुख स्तंभ भी है। ट्रम्प वीजा प्रक्रिया को जटिल बनाकर भारतीय प्रतिभाओं को अमेरिका में रोकने की कोशिशें तो कर रहे है लेकिन इससे न केवल अमेरिका की डिजिटल अर्थव्यवस्था बर्बाद […]

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अमेरिका के पास भारत का कोई विकल्प नहीं

 पीपुल्स समाचार  कोई भी देश वैश्विक ताक़त बड़ी और मज़बूत अर्थव्यवस्था के आधार पर बनता है। ट्रम्प इस बात को बखूबी जानते है,इसीलिए उन्होंने भारत की सामरिक स्वायत्ता को खत्म करने के लिए टैरिफ का दांव खेल दिया है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की […]

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रूस पर निर्भरता

          दैनिक जागरण,राष्ट्रीय                    कम्युनिस्ट रूस और दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के आपसी मजबूत सम्बन्ध पश्चिम को हैरान और परेशान करते रहे है,यह समस्या दशकों पुरानी है। रूस के साथ सामरिक और आर्थिक संबंध मजबूत रहने से भारत पूंजीवादी दुनिया की महत्वाकांक्षी नीतियों के शिकंजे […]

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ईरान के अवैध तेल का वैश्विक बाज़ार

नवभारत टाइम्स ट्रम्प अगर यह सोच रहे है की वे छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबन्ध लगाकर ईरान के ऊर्जा व्यापार और शिपिंग नेटवर्क को ध्वस्त कर देंगे,तो उनका अंदाजा बिल्कुल गलत है। क्योंकि ईरान के अवैध तेल साम्राज्य को आगे बढ़ाने में दुनिया के 27 देश शामिल है। इसमें अमेरिका के मध्यपूर्व में रणनीतिक भागीदार […]

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अमेरिका और यूरोप पर भारत को नहीं है भरोसा

  नवभारत टाइम्स                            अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में बलपूर्वक कूटनीति एक आकर्षक रणनीति है। यह पारंपरिक सैन्य बल का उपयोग किए बिना राजनीतिक लागतों के साथ राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने की संभावना प्रदान करती है। नाटो के महासचिव मार्क रुट ने रूस के बहाने भारत और ब्राज़ील को धमकाने की जो कोशिशें की है,उसमें नाटो […]

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