#ब्रह्मदीप अलूने
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बहुलतावादी बांग्लादेश की मतपेटी में इस्लामवाद

politicsvala दो साल पहले तक धर्मनिरपेक्षता और बहुलवाद की पहचान से दुनिया में झंडा बुलन्द करने वाले बांग्लादेश में हरे झंडे,पाकिस्तान से दोस्ती,भारत का विरोध,हिन्दुओं पर अत्याचार और शरिया कानून को लागू करने के मुद्दें आम चुनाव में हावी है।कट्टरपंथी जमातों से अभिशिप्त इस आम चुनाव से बांग्लादेश के भविष्य का फैसला होगा। शेख हसीना […]

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मुक्त व्यापार और भारत के अन्तर्विरोध

जनसत्ता                                                                                                               […]

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article गांधी है तो भारत है

यह बात और है कि गांधी मरते ही नहीं है…

 politics यह गांधी का अंतिम आमरण अनशन था,जो 13 जनवरी 1948 को प्रारम्भ हुआ था।  हमेशा की तरह उनका शरीर इस बार भूख और प्यास का संकट झेलने को तैयार नहीं था। इस कारण महज 48 घंटे में ही उनके शरीर ने जवाब दे दिया। गांधी जी के मूत्र में एसीटोन और एसेटिक अम्ल के […]

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article गांधी है तो भारत है

बांग्लादेश ने गांधी को नहीं माना तो वह टूट जाएगा

सुबह सवेरे बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ वर्षों पहले कहा था कि महात्मा गांधी उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान के आदर्श थे और वे भी उस मार्ग पर चलना पसंद करती हैं। ऐसा कहकर शेख हसीना ने बांग्लादेश की राष्ट्रीय चेतना और उसकी ऐतिहासिक दिशा का एक बड़ा राजनीतिक संकेत दिया था। […]

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जब दुनिया सिमट रही है,भारत अभी खुला है

    politics दुनिया का यह  बेहिसाब बदलावों का दौर है,विकास के सपने है और इंसान की की बुद्धि से आगे निकलने की उम्मीदें भी बढ़ी है। तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को इंसानी सोच से भी आगे बताकर भविष्य को अभूतपूर्व उजाले का रूप दिया जा रहा है। प्रगति की यह भाषा आकर्षक है और भरोसा […]

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ढह जायेगा खामनेई का साम्राज्य

नवभारत इतिहास गवाह है कि तानाशाहों को जनता कभी माफ़ नहीं करती। तानाशाही  भय,दमन,हिंसा और जनता का उत्पीड़न करके खुद को सुरक्षित बनाने की कोशिश करती रहती।ईरान की धार्मिक तानाशाही इस लिहाज़ से और भी खतरनाक रही है,क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने सत्ता को ईश्वर और धर्म के नाम पर वैध […]

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लैटिन अमेरिका का भविष्य

जनसत्ता  मेक्सिको,मध्य अमेरिका,कैरिबियन और दक्षिण अमेरिका के कई देशों तक फैला हुआ लैटिन अमेरिका संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से भौगोलिक रूप से जुड़ा हुआ है, इसकी स्थिरता और सुरक्षा अमेरिका के राष्ट्रीय हितों से जुड़ी है। यह अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है और विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। लैटिन अमेरिका के […]

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विदेश नीति को विवेकानन्द की पब्लिक डिप्लोमेसी से सीखने की जरूरत

सुबह सवेरे स्वामी विवेकानन्द ने बहुत पहले यह समझ लिया था कि देशों के बीच संबंध केवल सरकारों से नहीं बल्कि जनता से जनता के बीच बनते हैं। यही पब्लिक टू पब्लिक डिप्लोमेसी का मूल भाव है। 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में उनका ऐतिहासिक संबोधन किसी राजनयिक मिशन का हिस्सा नहीं था,फिर […]

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article भारत मे आतंकवाद

खत्म हो जाएंगे बांग्लादेश में हिन्दू…!

नवभारत  बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर हमले,सामाजिक और राजनीतिक दबाव तथा कट्टरपंथी संगठनों की सक्रियता ने इस भय को और गहरा किया है की यह देश पूर्ण इस्लामवाद की और तेजी से बढ़ रहा है। यदि कट्टरपंथी सोच को लगातार राजनीतिक संरक्षण मिलता है तो स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।बांग्लादेश में अगले […]

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विकल्प बन सकते है तारिक रहमान 

नवभारत  बांग्लादेश में राजनीतिक विभाजन गहरा है,कट्टरवादियों ने वैधानिक व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है,अल्पसंख्यक बूरी तरह डरे हुए है। शेख हसीना के कार्यकाल में पुलिस और प्रशासन के दुरूपयोग से जो इन संस्थाओं की छवि खराब हुई है उससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गई है। छात्रों के गुस्से को शांत करने वाली कोई […]

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